मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई इलाकों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत 20 जिलों में गरज-चमक के साथ मावठा गिरने की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी भोपाल में मंगलवार तड़के बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के बाद अब कोहरे की मार बढ़ेगी और अगले कुछ दिनों तक दृश्यता प्रभावित रह सकती है।सोमवार को प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के 20 से ज्यादा जिलों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। टीकमगढ़, आगर-मालवा और अशोकनगर में सुबह ही बारिश हो गई, जबकि कुछ जिलों में शाम के समय मौसम बदला। उत्तरी मध्य प्रदेश में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिला।

आज इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज के साथ बारिश हो सकती है। इनमें से कई इलाकों में सुबह के समय मध्यम कोहरा भी दर्ज किया गया।

अगले तीन दिन कोहरे का बढ़ेगा असर

4 फरवरी: शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मध्यम कोहरा।

5 फरवरी: राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरे की स्थिति।

6 फरवरी: गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाया रहेगा।

आगर-मालवा जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर मावठे की बारिश हो रही है, जिससे ठंड में बढ़ोतरी महसूस की जा रही है।

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क्यों बदल रहा है मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी हुई है। 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा जेट स्ट्रीम हवाओं ने भी मौसम को प्रभावित किया है। उत्तर भारत के ऊपर करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 240 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा। हालांकि, रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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सिस्टम लौटेगा तो बढ़ेगी ठंड

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन प्रभावित है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही यह सिस्टम वापस लौटेगा, मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड का असर तेज होगा और दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।

 



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