मध्यप्रदेश में सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात यह हैं कि रीवा में सुबह के वक्त 50 मीटर के आगे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा। रविवार को ग्वालियर समेत प्रदेश के 18 शहर घने कोहरे की गिरफ्त में रहे, जबकि कई इलाकों में मध्यम स्तर का कोहरा दर्ज किया गया। शनिवार को शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। प्रदेश में पहली बार पारा 3 डिग्री से नीचे पहुंचा है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा कोहरा

मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और कटनी में घना कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, शाजापुर, देवास, सीहोर, रायसेन और विदिशा में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जहां दृश्यता 2 से 4 किलोमीटर तक सीमित रही।

ट्रेनें घंटों लेट, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली और उत्तर भारत से मध्यप्रदेश आने वाली ट्रेनों की रफ्तार थम गई है। मालवा एक्सप्रेस, झेलम, शताब्दी, सचखंड और पंजाब मेल जैसी कई ट्रेनें 6 से 8 घंटे तक देरी से चल रही हैं। भोपाल में मालवा एक्सप्रेस का निर्धारित समय सुबह 7:25 बजे था, लेकिन शनिवार को यह दोपहर करीब डेढ़ बजे पहुंची। देरी का असर उज्जैन और इंदौर तक पड़ा, जहां ट्रेन अपने तय समय से कई घंटे बाद पहुंची।

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कोहरे को लेकर मौसम विभाग की एडवाइजरी

लगातार बन रही कोहरे की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने ट्रैवल, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी एडवाइजरी जारी की है। जिसके अनुसार अनावश्यक सफर से बचें वाहन चलाते समय फॉग लैंप और लो बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करें। धीमी गति से ड्राइव करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।स्वास्थ्य पर भी असर, सतर्क रहने की जरूरत।तेज ठंड और कोहरे के कारण सर्दी-खांसी, फ्लू और सांस संबंधी दिक्कतों का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार कोहरे में मौजूद प्रदूषक फेफड़ों की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।लोगों को सिर, गर्दन और हाथ-पैर ढंककर रखने, मास्क पहनने और विटामिन-सी युक्त आहार लेने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी अलर्ट लंबे समय तक कोहरे से फसलों में नमी बढ़ने और रोग लगने की आशंका है। मौसम विभाग ने टमाटर, मिर्च, फूलगोभी और सरसों की फसल पर विशेष निगरानी रखने की सलाह दी है। पशुपालकों को पशुशालाओं में वेंटिलेशन बनाए रखने को कहा गया है।

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जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई ठिठुरन

उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 194 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही यह तेज हवा पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं को और असरदार बना रही है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इसी कारण इस बार ठंड ज्यादा तीखी महसूस हो रही है।

 



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