मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में कड़ाके की सर्दी ने जोरदार दस्तक दे दी है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई इलाकों में तापमान तेजी से गिर गया। छतरपुर का नौगांव प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड का असर ऐसा रहा कि डिंडौरी में नर्मदा किनारे खड़ी गाड़ियों पर सुबह ओस की मोटी परत जम गई, जबकि पचमढ़ी की झील पर हल्की धुंध छाई रही। मौसम विभाग के मुताबिक उमरिया में पारा 3.1 डिग्री तक पहुंच गया। खजुराहो में 4.4, राजगढ़ में 4.6, पचमढ़ी में 4.8, मंडला और रीवा में 5, सतना में 5.2, दतिया में 5.7 और मलाजखंड में 5.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा, जबकि इंदौर और ग्वालियर में 6.6, जबलपुर में 7 और उज्जैन में 9.2 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के करीब 25 शहर ऐसे रहे, जहां रात का पारा 10 डिग्री से नीचे ही बना रहा।

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विजिबिलिटी घटकर 50 से 200 मीटर के बीच सिमटी

सर्दी के साथ-साथ कोहरे ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दतिया और खजुराहो में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर 50 से 200 मीटर के बीच सिमट गई। सतना, नौगांव, रीवा, सीधी, खरगोन और मंडला में भी कोहरे का असर देखा गया। इसका सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा और दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें 4 से 5 घंटे तक देरी से पहुंचीं।

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जेट स्ट्रीम की रफ्तार 287 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ऊपरी हवाओं में जेट स्ट्रीम की रफ्तार 287 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है। इसी कारण प्रदेश के कई शहर दिन और रात दोनों समय ठिठुर रहे हैं। बीते 24 घंटे में भोपाल, राजगढ़, इंदौर और शहडोल में शीतलहर का प्रभाव दर्ज किया गया है। मंगलवार को भी सर्द हवाओं का असर बने रहने की संभावना जताई गई है।

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सर्दी के लिहाज से सबसे अहम महीना

मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर और जनवरी सर्दी के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं। उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में तापमान को तेजी से गिराते हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े भी यही संकेत देते हैं कि इन्हीं महीनों में ठंड अपने चरम पर रहती है। इस बार सर्दी नवंबर से ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। भोपाल में नवंबर महीने में लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। इंदौर में भी 25 साल बाद नवंबर में तापमान 6.4 डिग्री तक गिर गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

 



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