प्रदेश में बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 18 मार्च से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर करीब आधे मध्यप्रदेश में नजर आएगा। इस सिस्टम के चलते तीन दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रह सकता है।राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी मौसम बदलेगा। हालांकि इससे पहले मंगलवार तक गर्मी का असर बरकरार रहेगा और दिन में तेज धूप लोगों को परेशान करेगी।मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा यह सिस्टम 17 मार्च की रात से असर दिखाना शुरू करेगा, जो 18 से 20 मार्च के बीच मध्यप्रदेश में व्यापक प्रभाव डालेगा।
पहली बार इतना असरदार सिस्टम
मार्च महीने में इस बार पहली बार इतना मजबूत मौसम सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जो लगातार 3 से 4 दिन तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित करेगा। कहीं तेज हवाएं चलेंगी, कहीं हल्की से मध्यम बारिश होगी, तो कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे।
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अभी गर्मी हावी, सिस्टम बेअसर
प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ लाइन मौजूद हैं, लेकिन इनका खास असर नहीं दिख रहा। यही वजह है कि सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तेज गर्मी बनी रही।खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सिवनी, मंडला, टीकमगढ़, सागर और खजुराहो में भी पारा 37 डिग्री के पार दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 35.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर और उज्जैन में 35 डिग्री और ग्वालियर में 34.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
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आगे और तपेगा प्रदेश
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल और मई में इस बार भीषण गर्मी पड़ सकती है। प्रदेश में 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। मार्च के आखिरी सप्ताह से ही इसका असर दिखना शुरू हो सकता है।नर्मदापुरम में मार्च के दूसरे सप्ताह में ही तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार जा चुका है, जो आने वाले मौसम का संकेत माना जा रहा है।
