मध्य प्रदेश में फरवरी का मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। राजधानी भोपाल में गुरुवार सुबह तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश ने दिन की शुरुआत की, वहीं कई जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए ग्वालियर-चंबल अंचल के 8 जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

इन जिलों में अलर्ट

गुरुवार को जिन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं। बुधवार को रतलाम, श्योपुर, मुरैना, मंदसौर, नीमच, गुना समेत 20 से अधिक जिलों में कहीं तेज बारिश तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में दिन में धूप रही, लेकिन शाम ढलते ही बादल छा गए और देर रात मौसम ने करवट ले ली।

क्यों बिगड़ा मौसम?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और गुजर रही ट्रफ लाइन के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ के असर से यह बदलाव देखने को मिल रहा है। दो अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण तंत्र सक्रिय होने के कारण बादलों की आवाजाही बढ़ी है और कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी कुछ जिलों में छिटपुट वर्षा की संभावना बनी हुई है।

फरवरी में तीसरी बार बारिश-ओले

इस महीने की शुरुआत से ही प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। दो बार पहले भी बारिश और ओलावृष्टि का असर फसलों पर पड़ा था, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराया गया। अब 18-19 फरवरी को तीसरी बार प्रदेश के कई हिस्से बारिश से भीग गए हैं।

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दिन गर्म, रात में ठंडक बरकरार

हालांकि दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है और कई शहरों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, लेकिन रात और सुबह के समय हल्की ठंड का असर बना हुआ है। अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर है, जबकि कुछ स्थानों पर यह इससे नीचे भी दर्ज किया गया।कटनी जिले का करौंदी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पचमढ़ी, रीवा, उमरिया और खजुराहो में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में रात का तापमान सामान्य से कुछ अधिक दर्ज किया गया।

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आगे का पूर्वानुमान

20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका है। 21 फरवरी से मौसम साफ होने के संकेत हैं और फिलहाल उसके बाद किसी बड़े सिस्टम की चेतावनी नहीं है। लगातार बदलते मौसम के बीच किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 



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