वाराणसी में आयोजित मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन 2026 में दोनों राज्यों ने विकास, निवेश, लघु उद्योग और धार्मिक पर्यटन को लेकर नई दिशा तय की। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करना था। कार्यक्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इसके साथ ही “एक जिला-एक उत्पाद” (ओडीओपी) को बढ़ावा देने के लिए भी दोनों राज्यों ने अहम सहमति बनाई। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के अपार अवसर हैं और राज्य से 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है और निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया गया है। 

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धार्मिक और सांस्कृति केंद्र दोनों राज्यों को जोड़ते है 

सीएम ने प्रधानमंत्री  के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश तेजी से आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि काशी और उज्जैन जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र दोनों राज्यों को जोड़ते हैं। उन्होंने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और मुरैना में 2000 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट जैसे संयुक्त प्रयासों का उल्लेख किया, जो दोनों राज्यों को नई ऊर्जा देंगे। उत्तर प्रदेश के उद्योग मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने बताया कि यह सम्मेलन दोनों राज्यों के बीच गहरी समझ और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ओडीओपी प्रोग्राम से स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को नई पहचान मिली है। अब तक 1 लाख 63 हजार युवाओं को 6000 करोड़ से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है।

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एमपी में 26 और यूपी में 44 ओडीओपी उत्पाद को जीआई टैग 

प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में ओडीओपी उत्पाद चुने गए हैं। वर्ष 2017 में यूपी का कुल निर्यात 88 हजार करोड़ था, जो 2024 में बढ़कर 1 लाख 86 हजार करोड़ तक पहुंच गया, जिसमें ओडीओपी का योगदान 50 प्रतिशत रहा। यहां 44 उत्पादों को जीआई टैग दिलवाए गए हैं। महाकुंभ 2025 में काशी के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। वहीं, मध्यप्रदेश के 55 जिलों में 38 प्रमुख निर्माता और लाखों कारीगर इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। प्रदेश का कुल निर्यात अब 65 हजार करोड़ रुपए से अधिक है और 26 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। भविष्य की योजनाओं में उज्जैन में 284 करोड़ रुपए की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण शामिल है, जो मध्य भारत का सबसे बड़ा ओडीओपी शोकेस होगा। इस मॉल में मध्यप्रदेश और अन्य प्रदेशों के उत्पाद भी प्रदर्शित होंगे।

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शिल्पकारों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही 

सम्मेलन के दौरान दोनों राज्यों के शिल्पकारों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें बांस शिल्प, जरी-जरदोजी, मेटल क्राफ्ट, हैंडलूम और पारंपरिक उत्पाद शामिल थे। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर शिल्पकारों से संवाद किया। यह सम्मेलन दोनों राज्यों के आर्थिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

 



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