मध्य प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में परीक्षा पास नहीं करने पर शिक्षकों को सेवा छोड़नी पड़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार जो शिक्षक अभी तक TET पास नहीं कर पाए हैं, उन्हें दो वर्ष के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।

Trending Videos

ये भी पढ़ें-  रंगों में डूबा भोपाल: इंदौर गेर की तर्ज पर निकला भव्य चल समारोह, ढोल-ताशों और गुलाल से सराबोर हुआ पुराना शहर

अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई हो सकती है

जानकारी के अनुसार इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। यदि तय समय सीमा के भीतर वे TET परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सेवा से हटाया जा सकता है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है। निर्देशों के मुताबिक पात्रता परीक्षा जुलाई-अगस्त के बीच आयोजित होने की संभावना है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के सभी श्रेणी के ऐसे शिक्षक, जिन्होंने पहले TET पास नहीं किया है, उन्हें इस परीक्षा में शामिल होना होगा।

ये भी पढ़ें-  Indore RangPanchami 2026: खत्म हुई पारंपरिक इंदौर की गेर, खूब खेला लोगों ने रंग; महापौर सहित टीम जुटी सफाई में

दो वर्ष के भीतर परीक्षा पास करना होगा 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जो शिक्षक शिक्षा के अधिकार कानून लागू होने से पहले नियुक्त हुए हैं और जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय बाकी है, उन्हें भी दो वर्ष के भीतर TET पास करना अनिवार्य होगा। यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय में पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करता है तो उसे सेवा से अलग किया जा सकता है और उसे केवल नियमानुसार मिलने वाले सेवानिवृत्ति लाभ ही मिलेंगे।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *