भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्य प्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत गणना (Enumeration) चरण के प्रथम चरण के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। राज्य में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 निर्वाचकों में से 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं। इसमें 8 लाख 65 हजार ‘नो-मैपिंग’ वाले मतदाता भी शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को पांच श्रेणियों (कैटेगरी) में विभाजित कर आंकड़े जारी किए हैं। इनमें नो-मैपिंग कैटेगरी में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर चारों महानगर शीर्ष पर हैं।

वहीं, इंदौर ऐसा एकमात्र जिला है जो सभी पांचों कैटेगरी में शामिल है। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया राज्य के सभी 55 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO), 532 सहायक ERO (AERO) तथा 65,014 मतदान केंद्रों पर तैनात बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के समन्वित प्रयासों से पूरी की गई। इस अभियान में स्वयंसेवकों और छह राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने 1.35 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए।

42.74 लाख मतदाता नहीं मिले

आयोग के अनुसार अब्सेंट, शिफ्टेड, मृत और डुप्लीकेट कैटेगरी में प्रदेश में कुल 42 लाख 74 हजार 160 मतदाता नहीं मिले। अब इनके नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इनमें कुछ मतदाता ऐसे भी हो सकते हैं जिन्होंने समय सीमा में गणना प्रपत्र जमा नहीं किया या स्वयं पंजीकरण में रुचि नहीं ली।

आंकड़ों के अनुसार:

8.46 लाख मतदाता (1.47%) मृत पाए गए

31.51 लाख मतदाता (5.49%) अन्य राज्यों में पंजीकृत पाए गए या तीन बार घर जाने पर अनुपस्थित मिले

2.77 लाख मतदाता (0.48%) के नाम दो स्थानों पर दर्ज पाए गए, जिनमें से अब केवल एक स्थान पर नाम रखा जाएगा

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नो-मैपिंग कैटेगरी में इंदौर टॉप पर

नो-मैपिंग कैटेगरी में कुल 8 लाख 65 हजार मतदाता पाए गए, जो 5.31 करोड़ गणना प्रपत्र जमा करने वाले मतदाताओं में शामिल हैं। 

जिलावार स्थिति इस प्रकार है:

इंदौर – 1,33,696

भोपाल – 1,16,925

जबलपुर – 69,394

ग्वालियर – 68,540

उज्जैन – लगभग 48,000

क्या है ‘नो-मैपिंग’?

चुनाव आयोग द्वारा सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र दिए गए थे, जिसमें उन्हें 2003 की मतदाता सूची के अनुसार अपना वोटर आईडी नंबर या किसी रक्त संबंधी (ब्लड रिलेशन) रिश्तेदार का वोटर आईडी नंबर दर्ज करना था। जिन मतदाताओं की यह जानकारी मेल नहीं खा सकी, उन्हें नो-मैपिंग श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मतदाताओं को अब आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा, जिसमें उन्हें 7 दिनों के भीतर आयोग द्वारा मान्य 13 पहचान पत्रों में से किसी एक के माध्यम से अपनी पात्रता सिद्ध करनी होगी। ऐसा न करने पर उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।

दो जगह नाम वाले मतदाता: बुरहानपुर सबसे आगे

डुप्लीकेट वोटर आईडी मामलों में:

बुरहानपुर – 23,544 (पहला स्थान)

इंदौर – 22,808 (दूसरा)

धार – 14,198 (तीसरा)

सबसे कम डुप्लीकेट मतदाता:

उमरिया – 968

आगर मालवा – 985

नीमच – 1,036

भोपाल – 14,171

मृत मतदाताओं में जबलपुर टॉप पर

मृत पाए गए मतदाताओं की संख्या में:

जबलपुर – 51,357 (पहला स्थान)

इंदौर – 43,743 (दूसरा)

सागर – 36,466  (तीसरा)

सबसे कम मृत मतदाता:

पांढुर्ना – 4,981

हरदा – 5,303

निवाड़ी – 5,539

अब्सेंट मतदाता में इंदौर टॉप पर – बता दें अब्सेंट मतदाता यानी जिनके पते पर तीन बार जाने के बावजूद वह नहीं मिले। 

अब्सेंट पाए गये मतदाताओं की संख्या में:

इंदौर- 1, 75, 425 (पहला स्थान)

भोपाल-1,01,503  (दूसरा)

जबलपुर- 66,678 (तीसरा)

सबसे कम अब्सेंट मतदाता: 

अलीराजपुर- 672

पाढूंर्ना- 1372

आगर मालवा- 1734 

शिफ्टेड मतदाता में भोपाल टॉप पर – जो दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गए और वहां अपना वोटर आईडी रजिस्ट्रर करा लिया। 


शिफ्टेड मतदाताओं की संख्या में: 

भोपाल- 2, 86,661 (पहला स्थान)

इंदौर- 1,97,898   (दूसरा)

ग्वालियर- 1,48, 273 (तीसरा)

सबसे कम शिफ्टेड मतदाता:

पाढूंर्ना- 5784

युवा मतदाता जुडवा सकते हैं नाम

मुख्य निर्वाचन अधिकारीझा ने बताया कि जो युवा मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे ऑफलाइन या ऑनलाइन अपना नाम जुडवा सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट Voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म-6 भरना होगा. इसके साथ ही ऑफलाइन के लिए बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।

 



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