मध्यप्रदेश में जीएसटी चोरी नेटवर्क को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से बिना टैक्स चुकाए भारी मात्रा में माल मध्यप्रदेश के बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। इस मामले में उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सिंघार का दावा है कि निर्माण सामग्री, आयरन और मसालों समेत कई तरह का सामान संगठित सिंडिकेट के जरिए प्रदेश में लाया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के चलते केंद्र और राज्य सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
फर्जी दस्तावेजों से हो रहा माल का परिवहन
नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक कई ट्रकों में माल तो भरा होता है, लेकिन उसके लिए बनाए गए ई-वे बिल या तो फर्जी होते हैं या उनमें हेरफेर किया जाता है। कई मामलों में माल की वास्तविक कीमत और मात्रा को कम दिखाकर अंडर-इनवॉइसिंग की जा रही है, ताकि टैक्स की रकम कम देनी पड़े।
बॉर्डर से बाजार तक सक्रिय नेटवर्क
सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य की सीमाओं से लेकर जिलों तक बिचौलियों और ट्रांसपोर्टरों का एक पूरा नेटवर्क सक्रिय है, जो बिना टैक्स चुकाए माल को सुरक्षित तरीके से बाजार तक पहुंचाने का काम करता है।
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केंद्रीय स्तर पर जांच की मांग
इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए सिंघार ने केंद्र से केंद्रीय एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस नेटवर्क से जुड़े कई पुख्ता इनपुट हैं, जिनकी जांच कराई जानी चाहिए।
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कई अधिकारियों को भेजी शिकायत की कॉपी
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र की प्रतियां केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष, मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री और राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव को भी भेजी हैं, ताकि मामले पर जल्द कार्रवाई हो सके।
