मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे को लेकर जीतू पटवारी ने स्पष्ट कहा कि वे अपने पद पर हैं और उपनेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे। उनके सोशल माध्यम पर किए गए संदेश से सारी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। कटारे ने कहीं भी त्यागपत्र देने की बात नहीं लिखी है। वे उपनेता हैं और उपनेता ही रहेंगे। उनके त्यागपत्र को लेकर चल रही अटकलों के बीच पीसीसी में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इसे दल का आंतरिक विषय बताया। कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा में दिए गए विवादित बयान पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह पूरे मध्यप्रदेश का अपमान है। वे युवाओं, महिलाओं और आदिवासियों की बात कर रहे थे। उनका अपमान केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता का अपमान है और यह क्षम्य नहीं है।

व्यापार समझौते से देश में गंभीर हालात की आशंका

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने व्यापार समझौते और राहुल गांधी के दौरे को लेकर कहा कि इतिहास देखें तो 1965 और 1971 के दौर में अमेरिका ने खाद्यान्न आपूर्ति रोक दी थी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। बाद में हरित क्रांति के माध्यम से देश आत्मनिर्भर बना। उनका कहना है कि यह व्यापार समझौता देश को फिर वैसी ही खतरनाक परिस्थिति में धकेल सकता है। यदि सोयाबीन अमेरिका से आएगा तो देश के किसान और छोटे व्यापारी प्रभावित होंगे।

लाखों छोटे उद्योगों पर संकट

कपास के मामले में देश आत्मनिर्भर है। यदि इस समझौते के तहत अमेरिका भारत को कपास बेचेगा तो यहां के किसानों की खपत प्रभावित होगी। कांग्रेस ने प्रश्न उठाया कि क्या एप्सटीन प्रकरण या अडानी मामले के कारण यह समझौता किया गया है। उनका कहना है कि इससे लाखों छोटे उद्योग-धंधे बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। 24 तारीख को भोपाल से जनजागरण और आंदोलन की शुरुआत की जाएगी और देशभर में लोगों को जागरूक किया जाएगा।

मोदी सरकार पर साधा निशाना

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह समझौता देशहित में नहीं है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। उनका आरोप है कि अमेरिका ने पाकिस्तान का खुला समर्थन किया और प्रधानमंत्री ने हमारे विरोधियों से निकटता बढ़ाई। उनका कहना है कि अमेरिका में बने उत्पाद भारत में बेचे जाना चाहते हैं। देश का किसान अभी समृद्ध नहीं हुआ, लेकिन सरकार अमेरिकी किसानों को लाभ पहुंचाने की सोच रही है। इस मुद्दे पर देशव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

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24 को राहुल और खड़गे का भोपाल दौरा

उन्होंने बताया कि 24 तारीख को राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भोपाल आ रहे हैं। यदि कपास, दलहन और दुग्ध का पर्याप्त उत्पादन देश में हो रहा है तो बाहर से आयात की आवश्यकता क्यों है। उनका आरोप है कि यह समझौता किसानों को कम दाम दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। वे विधानसभा में इस विषय को उठाएंगे। उनका कहना है कि किसान सम्मान निधि की राशि घट गई, जबकि अमेरिकी किसानों को लाभ पहुंचाने की बात की जा रही है।

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किसान संवाद और पदयात्रा

जीतू पटवारी ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री के संसदीय क्षेत्र विदिशा और बुधनी से यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज पर की गई टिप्पणी अस्वीकार्य है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री में साहस नहीं है कि वे कैलाश विजयवर्गीय से त्यागपत्र मांग सकें।

 



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