भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपीटी कैफे कल्चर हाउस का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बाल निकेतन और आरुषि संस्था के दिव्यांग बच्चों के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया और उन्हें उपहार भी वितरित किए। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके उत्साहवर्धन के लिए 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। वहीं “राम सा संघर्ष” कविता प्रस्तुत करने वाली सुहाना को 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपीटी कैफे कल्चर हाउस मध्य प्रदेश पर्यटन का एक अनूठा प्रोजेक्ट है, जो प्रदेश की संस्कृति, प्रकृति और खानपान को एक साथ जोड़ता है। यह स्थान कला, संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें पर्यटन को बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद करती हैं।
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रविंद्र भवन परिसर में स्थित यह कैफे शहर की भागदौड़ के बीच एक शांत और सुकून भरा माहौल प्रदान करता है। करीब 85 लोगों की बैठने की क्षमता वाले इस कैफे को नेचर ग्रीन थीम पर तैयार किया गया है, जहां लोग प्रकृति के बीच बैठकर भोजन का आनंद ले सकते हैं। कैफे का इंटीरियर स्थानीय शिल्पकला और हस्तनिर्मित सजावट से सुसज्जित है, जो इसे खास बनाता है।
कैफे का मेन्यू भी इसकी बड़ी खासियत है। इसमें मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक अंदाज में परोसा जाता है, जैसे इंदौर का प्रसिद्ध भुट्टे का कीस, रागी बालूशाही और कोदो अरंचिनी जैसे मिलेट्स आधारित व्यंजन। इसके साथ ही यहां एमपीटी बेक हाउस का आउटलेट भी है, जहां होममेड ब्रेड, पेस्ट्री और अन्य बेकरी उत्पाद उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को प्रदेश के सांस्कृतिक और पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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