मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को विधानसभा कक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूल भवनों में शेष खाली समय का उपयोग कर महाविद्यालय की कक्षाओं की व्यवस्था प्रारंभ करने पर विचार करें। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के प्रभाव की जानकारी भी अधिकारियों से प्राप्त की।

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बैठक में यह भी बताया गया कि नई शिक्षा नीति के तहत मध्यप्रदेश में 12 स्थानीय भाषाओं में शिक्षा व्यवस्था को लागू करने के प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अनुपस्थित शिक्षकों की उपस्थिति की जांच नई तकनीक से करने और लाभार्थी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में नामांकन, पाठ्यपुस्तक वितरण और साइकिल वितरण की जानकारी भी ली। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नामांकन में 120 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें निजी विद्यालयों से अधिक संख्या में नामांकन हुए हैं।

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बैठक में बालिका शिक्षा और छात्रावास व्यवस्था पर भी चर्चा हुई और बेहतर प्रबंधन के निर्देश दिए गए। ड्रॉपआउट दर में कमी और प्राथमिक तथा माध्यमिक विद्यालयों के अधोसंरचना विकास की जानकारी साझा की गई। नई स्वीकृतियों और सभी स्कूलों में विद्युतीकरण के लक्ष्यों की जानकारी भी बैठक में दी गई। इसके अतिरिक्त, शौचालय प्रबंधन और आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए। पीएमश्री और सांदीपनि विद्यालयों में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी साझा की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि अब प्रदेश की हर विधानसभा क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालय की व्यवस्था रहे। डिजिटल शिक्षा व्यवस्था और अच्छे परीक्षा परिणाम लाने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को प्रोत्साहित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।



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