मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित में जितना काम किया है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। विधानसभा में सोमवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए। साथ ही उनको बाबा महाकाल से माफी मांगना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सिंचाई के क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के बाद से वर्ष 2002-03 तक सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था। इसके बाद दिसंबर 2023 तक, जब वे मुख्यमंत्री बने, तब तक यह बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो चुका था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने इस क्षेत्र में और 10 लाख हेक्टेयर की वृद्धि की है, जो पूर्व के दशकों की तुलना में कहीं अधिक तेज प्रगति दर्शाती है।
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डॉ. यादव ने कहा कि यूरोपियन यूनियन के साथ हुआ अनुबंध किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि धार में प्रधानमंत्री द्वारा पीएम मित्र पार्क की सौगात का जिक्र करते हुए कहा कि इससे कपड़ा उद्योग और किसानों दोनों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश की कॉटन इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा और कई मिलें बंद हो गईं। उन्होंने रतलाम, उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर की मिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन इकाइयों में ताले कांग्रेस के समय लगे, जिससे किसानों और मजदूरों को नुकसान हुआ। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि एआई समिट के समय कांग्रेस ने कपड़े उतारकर प्रदर्शन कर गंदी मानसिकता का परिचय दिया।
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बता दें ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस ने किसान सम्मेलन का आयोजन किया है। इसका आयोजन 24 फरवरी को भोपाल में प्रस्तावित है। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल होने वाले है। कांग्रेस इस सम्मेलन में आसपास के जिलों के किसानों को एकत्रित कर ट्रेड डील से होने वाले नुकसान को लेकर जानकारी देगी। राजधानी भोपाल से आसपास के राज्यों के साथ ही पूरे प्रदेश में ट्रेड डील के खिलाफ सरकार को संदेश देने की कांग्रेस की योजना है।