मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली में जी-रामजी (मनरेगा) योजना के तहत बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। सिंघार का दावा है कि योजना में असली मजदूरों की जगह AI से तैयार की गई तस्वीरें अपलोड कर सरकारी राशि निकाली जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि सिंगरौली जिले में 120 से अधिक ऐसे फर्जी मजदूर सामने आए हैं, जिनका अस्तित्व केवल तस्वीरों तक सीमित है, लेकिन भुगतान पूरे तरीके से किया गया। आरोप है कि इस पूरे खेल में कमीशन की मांग भी की जा रही है, जबकि जिम्मेदार अफसरों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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योजना का नाम बदला, सिस्टम वही रहा

उमंग सिंघार ने कहा कि जी-रामजी को गरीब मजदूरों की आजीविका और सम्मान से जोड़ा जाना चाहिए था, लेकिन इसे भ्रष्टाचार का जरिया बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नाम बदलकर योजनाओं का प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार जस का तस बना हुआ है और मजदूरों का हक छीना जा रहा है।नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूरे मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।

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चंदेरी मारपीट मामला,कानून व्यवस्था पर सवाल

सिंघार ने अशोकनगर जिले के चंदेरी में सामने आए मारपीट के मामले को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने भाजपा नेता और सरपंच द्वारा युवक की कथित पिटाई के वीडियो को साझा करते हुए कहा कि सत्ता से जुड़े लोग खुलेआम कानून हाथ में ले रहे हैं, जो प्रशासन की कमजोरी और कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्ता से जुड़े लोग ही कानून तोड़ेंगे, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। सिंघार ने इस घटना को सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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