लोक निर्माण विभाग की जांच में पहले ही अमानक पाई गई सड़क के निरीक्षण पर राज्य मंत्री प्रतिभा बागरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नसीहत दी हैं। सीएम ने मंत्री से कहा कि सड़क पहले ही अमानक घोषित थी, फिर निरीक्षण करने की जरूरत क्या थी? जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के रवैये से नाराज नजर आए। बताया जा रहा है कि सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें अलग से बुलाकर कहा कि सड़क पहले ही अमानक थी तो निरीक्षण पर जाने की जरूरत क्या थी?
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बता दें सतना के पौड़ी मंकरही तीन किमी मार्ग के नवीनीकरण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोक निर्माण विभाग ने पहले ही जांच कर ली थी। इसे अमानक घोषित कर दिया था। इसके बाद राज्य मंत्री प्रतिभा बागरी भी सड़क का निरीक्षण करने पहुंच गई और सड़क की गिट्टी को पैर से निकालते हुए गुणवत्ता पर सवाल उठाए और अधिकारियों से जवाब मांगती नजर आई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब बताया जा रहा है कि मंत्री को सीएम की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। बता दें मंत्री प्रतिभा बागरी के भाई और बहनाई का नाम गांजा तस्करी के मामले में सामने आया है। इसके बाद पार्टी संगठन ने मंत्री कार्यालय तलब किया था। इस मामले में वरिष्ठ नेतृत्व के नाराज होने की भी बात सामने आई थी।
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