डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्य प्रदेश का वित्त विभाग उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन की दिशा में निरंतर अग्रसर है। शून्य आधारित बजट, तीन वर्षीय रोलिंग बजट और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से प्रदेश की वित्तीय स्थिति और अधिक मजबूत हुई है। विभिन्न वित्तीय प्रतिवेदनों में मध्यप्रदेश के बजटीय प्रबंधन, वित्तीय विश्वसनीयता और बैंकिंग गुणवत्ता की सराहना की गई है।
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गुरुवार को भोपाल के जनसंपर्क सभागार में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सरकार की दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया। देवड़ा ने बताया कि पूंजीगत व्यय में वृद्धि से प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और राज्य “विकसित भारत-2047” के संकल्प में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश को 55,634 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि 2025-26 में नवंबर माह तक 34,829 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है।
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1300 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिला
उन्होंने बताया कि डेटा एनालिटिक्स आधारित प्रवर्तन कार्रवाई से 967 करोड़ और ऑडिट से 404 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिला है। बुरहानपुर, राजगढ़, खरगोन, झाबुआ, कटनी और नरसिंहपुर जिलों में नए कार्यालय भवन भी निर्मित किए जा रहे हैं। आबकारी विभाग की तीन वर्षीय कार्ययोजना के तहत मदिरा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाई जाएगी और एक-दिवसीय लाइसेंस मोबाइल एप्लीकेशन से जारी होंगे। कर अपवंचन रोकने के लिए डेटा एनालिटिक्स और यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप) का उपयोग किया जाएगा।
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75 प्रकार के दस्तावेजों का घर बैठे पंजीयन
पंजीयन विभाग ने 75 प्रकार के दस्तावेजों का घर बैठे वीडियो केवाईसी से पंजीयन शुरू किया है। ‘संपदा 2.0’ को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 में स्वर्ण पदक मिला। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अनुसार 2024-25 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 15,03,395 करोड़ रुपये और प्रति व्यक्ति आय 1,52,615 रुपये रही। जन अभियान परिषद द्वारा नर्मदा पथ सर्वेक्षण और बावड़ी उत्सव जैसे अभियान चलाकर 26 हजार बावड़ियों की सफाई की गई। देवड़ा ने कहा कि नवाचार, पारदर्शिता और तकनीक के माध्यम से मध्य प्रदेश वित्तीय रूप से सशक्त बनते हुए समृद्धि की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
