मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती का मुद्दा अब बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है। स्कूलों में 1 लाख से ज्यादा पद खाली होने के बावजूद भर्ती में पद नहीं बढ़ाए जाने से नाराज अभ्यर्थी 24 मार्च को भोपाल में चौथी बार बड़े आंदोलन के लिए जुटेंगे। लगातार अनदेखी से युवाओं का गुस्सा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।

बड़े आंदोलन, फिर भी नहीं निकला समाधान

पिछले कुछ महीनों में वर्ग-2 (माध्यमिक) और वर्ग-3 (प्राथमिक) शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी तीन बार बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर चुके हैं। नवंबर 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक हजारों की संख्या में अभ्यर्थी राजधानी पहुंचे, धरना दिया, रैली निकाली, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अब अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार प्रदर्शन के बावजूद यदि सरकार निर्णय नहीं ले रही, तो यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

चौथी बार आंदोलन, इस बार आर-पार की तैयारी

लगातार अनदेखी से नाराज अभ्यर्थियों ने 24 मार्च से फिर भोपाल में विशाल धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस बार आंदोलन को पहले से ज्यादा बड़ा और लंबा करने की रणनीति बनाई जा रही है। कई जिलों से हजारों अभ्यर्थियों के राजधानी पहुंचने की तैयारी है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कहा है कि अगर इस बार भी सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन अनिश्चितकालीन किया जाएगा और इसे प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।

विधानसभा में पेश आंकड़े 

– कुल स्वीकृत शिक्षक पद: 2,89,005

– वर्तमान में कार्यरत: 1,74,419

– कुल रिक्त पद: 1,15,678

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प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति भी चिंताजनक 

– 1,968 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं

– 46,417 स्कूलों में केवल दो शिक्षक ही तैनात हैं

पहले उग्र हो चुका है आंदोलन

फरवरी में हुए प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने मुंडन करवाकर और अपनी मार्कशीट जलाकर विरोध जताया था। यह नाराजगी का चरम रूप था, लेकिन इसके बावजूद भी सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।  अभ्यर्थियों का कहना है कि जब इतनी बड़ी संख्या में पद खाली हैं, तो भर्ती में पद बढ़ाने में देरी क्यों की जा रही है? इसे वे शिक्षा व्यवस्था और युवाओं दोनों के साथ अन्याय बता रहे हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है और बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

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क्या हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

– वर्ग-2 भर्ती में कम से कम 10,000 पद किए जाएं

– हर विषय में पर्याप्त पदवृद्धि की जाए

– वर्ग-3 भर्ती में पद बढ़ाकर न्यूनतम 25,000 किए जाएं

– सेकंड काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू हो

– 3,200 विशेष शिक्षक पदों के लिए अलग भर्ती निकाली जाए

 



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