मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस और आक्रामक हो गई है। प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7, बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने और कथित फर्जी आपत्तियों के आरोपों के बीच कांग्रेस ने अब सीधे निर्वाचन आयोग के दफ्तर पहुंचकर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को भोपाल स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक, सेवा दल प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव सहित शहर और ग्रामीण कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

11 लाख नाम जोड़ने और लाखों नाम हटाने पर सवाल

जीतू पटवारी ने कहा कि हाल ही में मतदाता सूची में करीब 11 लाख नए नाम जोड़े गए हैं, वहीं लाखों ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिन्हें कांग्रेस समर्थक बताया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह मताधिकार को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है।

एक व्यक्ति से 200-200 आपत्तियां

पटवारी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में एक ही व्यक्ति द्वारा 200-200 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पूरी SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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BLA और BLO की मिलीभगत का दावा

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कई इलाकों में भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (BLA) और कुछ बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मिलीभगत से मतदाताओं पर दबाव बनाकर फॉर्म-7 जबरन भरवाए जा रहे हैं। इससे विशेष रूप से कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

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चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि गड़बड़ी में शामिल BLO पर तत्काल कार्रवाई की जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। पटवारी ने साफ कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और हर नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जाएगी।



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