जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के लाड़ली बहना योजना से जुड़े बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर महिला कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाते हुए भोपाल में मंत्री के बंगले का घेराव करने की कोशिश की। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी के नेतृत्व में निकला यह मार्च रेडक्रॉस चौराहे पर ही पुलिस ने रोक दिया, जहां बैरिकेडिंग के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई। घेराव की कोशिश कर रहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कुछ देर बाद पीसीसी कार्यालय छोड़ दिया।

कार्रवाई नहीं, इसलिए बढ़ रहा है हौसला

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी ने आरोप लगाया कि मंत्री विजय शाह लगातार महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, पुतले जलाए जा रहे हैं, फिर भी मंत्री पर न तो कार्रवाई हुई और न ही जवाबदेही तय की गई। रीना बौरासी ने सवाल उठाया कि जब पहले एक राजनीतिक नेता की पत्नी के अपमान पर मंत्री को पद से हटाया जा सकता है, तो फिर देश की बेटियों और लाड़ली बहनों के सम्मान पर सरकार क्यों चुप है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मंत्री सार्वजनिक माफी नहीं मांगते या पद से हटाए नहीं जाते, तब तक महिला कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।

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प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ता को चोट

रेडक्रॉस चौराहे पर हुई धक्का-मुक्की के दौरान भोपाल की महिला कांग्रेस पदाधिकारी रूपाली शर्मा की चप्पलें और चूड़ियां टूट गईं। इसके बावजूद वह नंगे पैर ही प्रदर्शन करती रहीं। रूपाली शर्मा ने कहा कि लाड़ली बहना योजना कोई एहसान नहीं बल्कि महिलाओं का अधिकार है, और उसे कार्यक्रम में उपस्थिति से जोड़ना गलत है।

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क्या था विवादित बयान

मंत्री विजय शाह ने 14 दिसंबर को रतलाम में एक बैठक के दौरान कहा था कि लाड़ली बहना योजना के तहत लाभ ले रही महिलाओं को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाली महिलाओं के दस्तावेजों का सत्यापन लंबित किया जा सकता है और उपस्थिति पर सहायता राशि बढ़ाने पर विचार हो सकता है। इसी बयान को लेकर महिला कांग्रेस ने इसे महिलाओं पर दबाव और अपमान करार दिया है।

 



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