रायसेन में चल रहे तीन दिवसीय कृषि मेले के समापन से पहले सियासी माहौल गरमा गया। एक तरफ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मेले का समापन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को कार्यक्रम में पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया।
घर से लेकर रास्तों तक सख्त घेरा
जीतू पटवारी ने मेले में शामिल होकर किसानों की समस्याएं उठाने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने राजधानी से ही उनकी घेराबंदी शुरू कर दी। आनंद नगर से लेकर रायसेन जाने वाले रास्तों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई। भारी पुलिस बल के साथ पानी की बौछार करने वाले वाहन भी तैनात रहे। रायसेन रोड पर एक स्कूल के पास उन्हें रोक लिया गया, जहां काफी देर तक पुलिस और पटवारी के बीच बहस चली, लेकिन आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली और अंततः उन्हें वापस लौटना पड़ा।
टकराव नहीं, संवाद चाहता था
रोकने के बाद पटवारी ने कहा कि वे किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि संवाद के लिए मेले में जाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही अनुमति के लिए पत्र लिखा था और तय किया था कि अंतिम दिन मेले में पहुंचेंगे। उनका आरोप है कि सरकार ने जानबूझकर उन्हें रोकने के लिए पूरे रास्ते में पुलिस तैनात की और विपक्ष की मौजूदगी से बचने की कोशिश की।
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किसानों के मुद्दों को लेकर हमला
मेले की चमक-दमक के बीच पटवारी ने किसानों की हालत पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मंडियों में किसानों को गेहूं का सही दाम नहीं मिल रहा और कई जगह उन्हें दो हजार रुपए से कम कीमत पर उपज बेचनी पड़ रही है। उन्होंने पूछा कि जब किसान परेशान है, तो ऐसे बड़े आयोजनों का क्या मतलब?
दिग्विजय सिंह से मुलाकात, रणनीति पर चर्चा
रायसेन नहीं पहुंच पाने के बाद पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मुलाकात की। इस दौरान संगठन की मजबूती, आगामी रणनीति और राज्यसभा चुनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पटवारी ने राज्यसभा सीट को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी का उम्मीदवार निश्चित रूप से जीतेगा।
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मेले के समापन में केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी
आज मेले के आखिरी दिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल होंगे। उनके दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। देशभर से आए विशेषज्ञ और कंपनियां यहां आधुनिक कृषि तकनीक का प्रदर्शन कर रही हैं।
सियासत बनाम आयोजन
