मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस में अब सक्रियता ही पद की गारंटी बन गई है। काम में ढिलाई बरतने वाले नेताओं पर संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए 38 पदाधिकारियों के पद फिलहाल ‘होल्ड’ कर दिए हैं। खास बात यह है कि यह कार्रवाई सीधे डिजिटल परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

ऐप ने खोली नेताओं की निष्क्रियता

युवा कांग्रेस अब संगठन की गतिविधियों को “WITH IYC” ऐप के जरिए मॉनिटर कर रही है। इसी ऐप पर दर्ज डेटा के अनुसार कई पदाधिकारी अपने दायित्वों को लेकर गंभीर नहीं पाए गए। उनकी सांगठनिक गतिविधियां बेहद कम या लगभग शून्य रही, जिसके बाद उन्हें निष्क्रिय मानते हुए पदों पर रोक लगा दी गई।

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सीधे बर्खास्तगी नहीं, पहले सुधार का मौका

इस कार्रवाई में कुल 38 पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 8 प्रदेश महासचिव, 27 प्रदेश सचिव,3 जिलाध्यक्ष शामिल हैं। यह आदेश प्रदेश प्रभारी महासचिव के स्तर से जारी किया गया है। संगठन ने सख्ती के साथ संतुलन भी रखा है। पदाधिकारियों को तुरंत हटाने के बजाय 3 महीने का समय दिया गया है, ताकि वे अपनी सक्रियता साबित कर सकें।

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काम नहीं दिखा तो पद जाएगा

इस ‘प्रोबेशन पीरियड’ में नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। महासचिवों को अपने प्रभार वाले जिलों में कम से कम 10 दिन काम करना होगा। सचिवों को 7 दिन क्षेत्र में सक्रिय रहना अनिवार्य किया गया है। अगर इस दौरान ऐप पर उनकी गतिविधियां संतोषजनक नहीं मिलीं, तो उन्हें पद से पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इस कार्रवाई को युवा कांग्रेस में बदलती कार्यशैली के तौर पर देखा जा रहा है, जहां अब सिर्फ पद नहीं, बल्कि प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारी तय होगी।

 



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