इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे सत्ता का घमंड और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है और यह केवल हादसा नहीं, बल्कि हत्या के समान है। शुक्रवार को भोपाल में बयान देते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से लोगों की जान जाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी ने इस त्रासदी को जन्म दिया।

अधिकारियों और इंदौर महापौर के बीच समन्वय की भारी कमी

पटवारी ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के लिए सत्ता का अहंकार और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। ये मौतें दरअसल हत्या हैं। कल इंदौर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें साफ सामने आया कि अधिकारियों और इंदौर महापौर के बीच समन्वय की भारी कमी है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान का हवाला देते हुए कहा कि खुद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की कमी स्वीकार की है और अतिरिक्त टीमें तैनात करने की बात कही है, लेकिन सवाल यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही पहले क्यों हुई।

भाजपा नेताओं पर लगाए आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता खुद को बचाने के लिए सारा ठीकरा अधिकारियों पर फोड़ रहे हैं। प्रशासन को निशाना बनाकर भाजपा नेता अपने भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी भी पूरी तरह निर्दोष नहीं हैं, लेकिन जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।

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इंदौर के साथ भेदभाव का आरोप

पटवारी ने यह भी कहा कि इंदौर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में करीब 20 प्रतिशत का योगदान देता है, लेकिन उसके विकास के लिए सिर्फ 3 प्रतिशत बजट दिया जाता है। उन्होंने इसे इंदौर के साथ अन्याय बताया।

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FIR और इस्तीफे की मांग

कांग्रेस नेता ने मांग की कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इंदौर में पहले भी कई घटनाएं हुईं और हर बार जिम्मेदारी अधिकारियों पर डाल दी गई। इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए। इंदौर के महापौर और इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी इस्तीफा देना चाहिए। जीतू पटवारी ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनहित और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मामला है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।

 



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