चंबल में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई से बौखलाए रेत माफियाओं ने अब खुली गुंडागर्दी शुरू कर दी है। मुरैना के सबलगढ़ रेंज की बैरक में घुसकर आरोपियों ने कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौच की। बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम चंबल नदी के बगदिया घाट पर दबिश देकर लौटी थी। कर्मचारी बैरक में सरकारी कार्य और भोजन की तैयारी में लगे हुए थे, तभी माफियाओं ने मौके पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया।
बैरक में घुसकर दी धमकी
घड़ियाल रेंजर दीपक शर्मा के मुताबिक, आरोपियों ने जबरन बैरक में प्रवेश किया और वनकर्मियों को इलाका खाली करने की धमकी दी। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। वन विभाग ने इस मामले में शिव प्रकाश उर्फ सिब्बू जाट, रूप सिंह जाटव, नईम खान और महावीर जाटव को आरोपी बनाया है। सभी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
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मुरैना मामले में सु्प्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती
वहीं, मुरैना में माफियाओं द्वारा वनरक्षक की हत्या के मामले में चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और इससे बढ़ रही हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने वनरक्षक हरिकेश गुर्जर की ड्यूटी के दौरान ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या किए जाने के मामले को संज्ञान में लिया है। इस मामले की सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।
बीते दिनों, अवैध रेत परिवहन की सूचना मिलने पर वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इस दौरान आरोपी ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की, जब वन रक्षक हरकेश गुर्जर ने उसे रोकने की कोशिश की। उसी दौरान विनोद कोरी ने उन्हें कुचल दिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर फरार हो गया।
