विधानसभा में मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया। इसमें सरकार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य की विकास दर 11.14 प्रतिशत रही। प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2025-26 में 16.69 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल 15.03 लाख करोड़ रुपये थी। स्थिर मूल्यों पर भी 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि दर्ज होने का अनुमान है। वहीं, प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, यह राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय 2.25 लाख से कम है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1.69 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जो आम नागरिक की आय में सुधार का संकेत देती है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025 के अनुसार प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में 9.69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष प्रति व्यक्ति 1.54 लाख रुपये थी। विधानसभा में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है और विकास की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज समावेशी और परिणामोन्मुखी विकास का उदाहरण है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और दूरदर्शी नीतियों के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
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बेरोजगार युवाओं की संख्या 26.53 लाख
सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में नवंबर 2025 तक बेरोजगार युवाओं की संख्या 26.53 लाख है। वर्ष 2024 में 1.75 लाख युवाओं ने रोजगार कार्यालय में अपना रजिस्ट्रेशन कराया। यह संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर 6.62 लाख पहुंच गई। वर्ष के अंत तक जीवित पंजी पर दर्ज कुल आवेदकों की संख्या वर्ष 2024 में 26.18 लाख थी, जो वर्ष 2025 नवंबर तक बढ़कर 25.53 लाख पहुंच गई है। हालांकि, सरकार रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जॉब फेयर आयोजित कर रही है।
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दूध का उत्पादन बढ़ा, अंडा का उत्पादन घटा
दूध उत्पादन बढ़कर 225 लाख टन से अधिक हो गया है। यह पिछले वर्ष के 213.26 लाख टन से 5.95 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि बता है। वर्ष 2024-25 में प्रति व्यक्ति दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता लगभग 707 ग्राम प्रतिदिन है। वहीं, अंडा उत्पादन में 7.79 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह वर्ष 2024-25 में 3072.72 लाख रहा। वर्ष 2024-25 में प्रति व्यक्ति 35 अंडे प्रति वर्ष रही है। वहीं, वर्ष 2024-25 में मांस का कुल उत्पादन लगभग 154.41 हजार टर रहा है। यह पिछले वर्ष की तुलना मं 9.86 प्रतिशत की वृद्धि रही।
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खाद्यान्न उत्पादन में 15 प्रतिशत वृद्धि
राज्य की अर्थव्यवस्था में तीनों क्षेत्रों कृषि, उद्योग और सेवाओं का संतुलित योगदान देखने को मिल रहा है। प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43 प्रतिशत से अधिक है, जबकि उद्योग एवं निर्माण से जुड़े द्वितीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत है। सेवाक्षेत्र ने सबसे तेज़ रफ्तार पकड़ी है और इसमें 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 37 प्रतिशत से अधिक हो गई है। कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत और खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, दलहन और तिलहन उत्पादन में कमी दर्ज की गई है। ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करते हुए लगभग 73 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया और 40 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूरे किए गए हैं।
1,028 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित
औद्योगिक विकास की बात करें तो राज्य में निवेश गतिविधियां तेज हुई हैं। 1,028 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है, जिनमें 1.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं। इससे लगभग 1.7 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति भी मजबूत हुई है और 1,700 से अधिक स्टार्टअप संचालित हो रहे हैं। वित्तीय मोर्चे पर भी सरकार ने संतुलन बनाए रखा है। वर्ष 2025-26 में 2,618 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष का अनुमान है। कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि की संभावना जताई गई है, जबकि राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.66 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान है।
