मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की शाम राज्यपाल मंगुभाई पटेल से लोक भवन में सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को सरकार के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर केंद्रित पुस्तकें भेंट की और प्रदेश में बीते दो वर्षों में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका थीम ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ रखा गया है। इसमें कृषि, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी, उन्नत ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में कई नई पहल की जाएंगी। किसानों को अन्य राज्यों और विदेशों में सफल नवाचारों से भी परिचित कराया जाएगा।

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दावोस में होगा प्रदेश की परियोजनाओं का प्रदर्शन 

डॉ. यादव ने बताया कि विश्व आर्थिक मंच 2026 की वार्षिक बैठक 18 से 23 जनवरी को स्विट्जरलैंड के दावोस में होगी। इसका विषय ‘ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग’ और ‘अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ’ है। इसमें प्रदेश में पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगासोलर प्रोजेक्ट से राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा  सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) द्वारा किसानों के लिए सोलर पंप योजना चलाई जा रही है। प्रदेश में यह योजना प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना’ प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना’ के नाम से संचालित है। प्रदेश के 33 हजार किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए कार्यादेश हो चुके हैं। करीब 34 हजार 600 लेटर ऑफ अवॉर्ड भी इकाइयों को प्रदान किए जा चुके हैं।  इस योजना से प्रदेश के 52 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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रामायण सम्मेलन की भी सीएम ने दी जानकारी 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को जबलपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन और गीता भवन परियोजनाओं की जानकारी भी दी। रामायण  सम्मेलन में देश और विदेश के 120 विद्वान  शामिल हुए, जिसमें  28 हजार से अधिक सुंदरकांड पाठ किए गए। प्रदेश में गीता भवन धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेंगे।  

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