मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी है, जिसमें संगठनात्मक संतुलन के साथ सियासी संदेश भी साफ नजर आ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया ने 66 पदाधिकारियों की टीम बनाई है, जिसमें अलग-अलग जिलों और वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। नई कार्यकारिणी में सबसे चर्चित नाम रूपाली शर्मा का रहा, जिन्हें महासचिव बनाया गया है। वे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा की बहू हैं। इसे संगठन में अनुभव और राजनीतिक प्रभाव के संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है।

ग्वालियर-इंदौर बेल्ट को अहम जगह

उपाध्यक्ष पद पर ग्वालियर और इंदौर क्षेत्र को खास तवज्जो दी गई है।

ज्योति सिंह (ग्वालियर)

मनीषा रावत (ग्वालियर)

शांति भालेश्वर (इंदौर)

यासमीन शेरानी (रतलाम)

इससे साफ है कि संगठन ने मालवा और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाई है।

महासचिव पद पर क्षेत्रीय संतुलन

महासचिव पदों पर सतना, रीवा, कटनी, सिंगरौली, मंदसौर, धार, इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों को प्रतिनिधित्व मिला है। इससे विंध्य, मालवा और महाकौशल क्षेत्रों को साधने की कोशिश दिखती है। सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर बड़ी संख्या में नए और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को जगह दी गई है। ग्वालियर, रीवा, सागर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, भिंड जैसे जिलों से कई नाम शामिल किए गए हैं।

भोपाल-इंदौर का दबदबा

राजधानी भोपाल और इंदौर से भी बड़ी संख्या में पदाधिकारी बनाए गए हैं। भोपाल से महक राणा, रूपाली गुहा शर्मा और इंदौर से कुसुम मौर्या, साक्षी शुक्ला समेत कई नाम शामिल हैं। यह बताता है कि शहरी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने पर भी फोकस है।

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2026 की सियासत को साधने की तैयारी

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह कार्यकारिणी सिर्फ संगठन विस्तार नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के जरिए महिला कांग्रेस को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति साफ दिख रही है।

 



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