सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण एवं उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा है कि मध्य प्रदेश को कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि आगामी तीन वर्षों में उद्यानिकी फसलों का रकबा 33.39 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने, 15 हजार सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और 25 फसलों को जीआई टैग दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय से लेकर कृषि–उद्यानिकी तक समावेशी विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मंत्री कुशवाहा ने बताया कि बीते दो वर्षों में प्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र में रिकॉर्ड प्रगति हुई है। इस अवधि में उद्यानिकी फसलों का रकबा 25.12 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.29 लाख हेक्टेयर हो गया है। वहीं, उत्पादन 389.10 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 425.68 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। प्रदेश की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश मसाला उत्पादन में देश में पहले, पुष्प उत्पादन में दूसरे, सब्जी उत्पादन में तीसरे और फल उत्पादन में चौथे स्थान पर है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश की 15 फसलों को जीआई टैग मिल चुका है, जिनमें रीवा का सुंदरजा आम और रतलाम का रियावन लहसुन प्रमुख हैं। इजराइल के तकनीकी सहयोग से मुरैना में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है, जबकि छिंदवाड़ा और हरदा में नए सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत हजारों उद्यमियों को ऋण और अनुदान सहायता दी गई है।

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सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। वर्तमान में लगभग 6.97 लाख दिव्यांगजनों को प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। 9.89 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड प्रदान किए गए हैं। शिक्षा, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास, सहायक उपकरण वितरण और शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की गई हैं। मंत्री ने कहा कि ये सभी प्रयास मध्य प्रदेश को समावेशी, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में मजबूत कदम हैं।

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