भोपाल में जमीन और मकानों की सरकारी गाइडलाइन दरों में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। वर्ष 2026-27 के लिए जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में शहर की 621 लोकेशनों पर दर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में पिछले साल के रजिस्ट्रेशन डेटा, नई कॉलोनियों, व्यावसायिक क्षेत्रों, औद्योगिक इलाकों और नए हाईवे/बायपास के प्रभाव का विश्लेषण किया गया। कई जगहों पर आसपास की कॉलोनियों में दरों के बड़े अंतर को देखते हुए संशोधन की जरूरत बताई गई। जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति की बैठक शनिवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जिला मूल्यांकन समिति के सदस्य विधायक दक्षिण-पश्चिम भोपाल भगवानदास सबनानी, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद राजपूत सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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वर्ष 2025-26 के पंजीयन डेटा के विश्लेषण में उच्च मूल्य के दस्तावेजों के कारण 1307 लोकेशन की दरों में वृद्धि के सुझाव प्राप्त हुए थे। समीक्षा के दौरान एक ही वार्ड की आसपास की कॉलोनियों में दरों के अत्यधिक अंतर को देखते हुए 203 लोकेशन, पंजीयन अधिकारियों के सर्वे के आधार पर 91 लोकेशन तथा नवीन विकास (चेंज डिटेक्शन) के कारण 37 लोकेशन में दर वृद्धि प्रस्तावित की गई।
इसी प्रकार टी एंड सीपी से अभिन्यास स्वीकृति एवं आमजन सुविधा के कारण 38 लोकेशन, नए राष्ट्रीय राजमार्ग/बायपास/रिंग रोड के प्रभाव से 18 लोकेशन तथा नए औद्योगिक एवं विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना के कारण 3 लोकेशन प्रभावित पाई गईं। इस प्रकार जिले की कुल 621 लोकेशनों में दर वृद्धि परिलक्षित हुई है। अब इन प्रस्तावित दरों को सम्पदा 2.0 पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। आम नागरिक भी पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव दे सकेंगे। पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जियो-टैगिंग और स्थल निरीक्षण की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे संपत्ति की सही जानकारी दर्ज हो सके।
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