प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 25 फरवरी को हजारों कर्मचारी भोपाल में एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद दोपहर एक बजे स्वास्थ्य संचालनालय, जय प्रकाश चिकित्सालय परिसर से न्याय यात्रा निकालते हुए मुख्यमंत्री निवास तक रैली पहुंचाई जाएगी और ज्ञापन सौंपा जाएगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कौरव ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो प्रदेश भर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी।

चौथे चरण में पहुंचा आंदोलन

महासंघ के अनुसार यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चल रहा है और अब चौथे चरण में प्रवेश कर चुका है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी अधिकतर मांगें अनार्थिक और सैद्धांतिक हैं, जिनसे शासन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। बावजूद इसके वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी की जा रही है। कौरव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी मानव सेवा से जुड़े हैं। यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।

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हड़ताल की चेतावनी

महासंघ ने चेताया है कि नियमित, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी, एड्स नियंत्रण समिति, आउटसोर्स, रोगी कल्याण समिति, गैस राहत विभाग तथा आयुष विभाग से जुड़े कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होंगे। समय रहते आदेश जारी नहीं हुए तो सामूहिक हड़ताल की जाएगी। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही दबाव में हैं। ऐसे में हजारों कर्मचारियों के एक साथ आंदोलन में उतरने से सरकार की चिंता बढ़ सकती है। अब सबकी निगाहें 25 फरवरी की न्याय यात्रा और उसके बाद शासन के रुख पर टिकी हैं।

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प्रमुख मांगें

-चिकित्सकों की तरह रात्रिकालीन आकस्मिक चिकित्सा भत्ता

-रेडियोग्राफर और संबंधित कर्मचारियों को विकिरण जोखिम भत्ता

– सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि – सभी संवर्गों के पदनाम में परिवर्तन

-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों के लिए 2023 की नीति लागू करना या नियमितीकरण

– एड्स नियंत्रण समिति के संविदा कर्मचारियों का समायोजन या नियमितीकरण

– सभी संवर्गों के वेतनमान में संशोधन

– आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस सेवा सुरक्षा नीति

– वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों का रिक्त पदों पर समायोजन

– महिला नर्सिंग अधिकारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध

 



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