केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेटियां उनके लिए देवियों के रूप में पवित्र हैं और उन्हें किसी भी जाति या समाज में बांटना गलत है। शिवराज ने यह भी स्पष्ट किया कि परंपरा से मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का रूप किसी भी बेटी में देखा जाता है, इसलिए समाज में किसी नेता को इस तरह की तुलना या टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। शिवराज ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके लिए यह घटना बहुत दुखद है। हाल ही में उनके क्षेत्र की एक बेटी के साथ हुआ दुष्कर्म पूरे समाज के लिए चिंता का विषय रहा। उन्होंने बताया कि उस बेटी के खाते में 10 लाख रुपए जमा किए गए हैं और भविष्य में लगभग 28 लाख रुपए दिए जाएंगे, ताकि उस बेटी का भविष्य सुरक्षित और बेहतर बन सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी नेता को बेटियों पर अपमानजनक या आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

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अर्चना चिटनिस बोलीं-कांग्रेस की महिला-विरोधी सोच उजागर 

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान को महिला-विरोधी करार देते हुए कांग्रेस की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह बयान महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है और कांग्रेस की उसी सोच को दर्शाता है, जो शुरू से महिलाओं के सम्मान के खिलाफ रही है। एक बयान जारी कर अर्चना चिटनिस ने कहा कि वह यह सुनकर हतप्रभ रह गईं कि कोई व्यक्ति महिलाओं के साथ होने वाले बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर इतनी घिनौनी और असंवेदनशील टिप्पणी कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि फूल सिंह बरैया एक विधायक हैं और संवैधानिक पद पर आसीन हैं। वे देश की सबसे पुरानी पार्टी के नेता और जनप्रतिनिधि हैं, ऐसे में उनसे जिम्मेदार बयान की अपेक्षा की जाती है। 

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि  “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” जैसे नारे देने वाली उनकी नेता को लड़ना चाहिए और फूल सिंह बरैया को पार्टी से निष्कासित करना चाहिए। कम से कम पार्टी को उन्हें नोटिस देकर यह पूछना चाहिए कि क्या बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों पर इस तरह की टिप्पणी स्वीकार्य है। अर्चना चिटनिस ने कहा कि विधायक ने महिलाओं की सुंदरता और जाति को लेकर अपनी बीमार मानसिकता उजागर की है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस पार्टी के किसी भी नेता ने इस बयान पर न तो आपत्ति जताई, न ही उसे रोका या टोका। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की चुप्पी यह दर्शाती है कि महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली मानसिकता पार्टी में कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह उसकी पुरानी सोच का हिस्सा रही है।

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एससी-एसटी की महिलाओं से माफी मांगे 

भाजपा प्रवक्ता डॉ. वंदना त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने अमर्यादित बयान दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस नेताओं के मन में महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है। कभी वे महिलाओं को “टंच माल” कहते हैं, कभी “आइटम” बताते हैं और कभी उनमें “चाशनी” तलाशने जैसी बातें करते हैं। आज महिलाओं को श्रेणियों में बांटकर यह बताने की कोशिश की जा रही है कि बच्चों के साथ बलात्कार क्यों होते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच और तुच्छ मानसिकता कहां से आती है, यह समझ से परे है। सबसे बड़ी बात यह है कि ऐसे बयानों पर कांग्रेस पार्टी की महिला नेताओं ने भी विरोध नहीं किया। क्या कांग्रेस में महिला नेत्रियां नहीं हैं, या फिर उन्हें यह समझ नहीं आता कि उनके नेता किस तरह महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर उनका अपमान कर रहे हैं। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि फूल सिंह बरैया को शर्म महसूस करनी चाहिए और एससी-एसटी की महिलाओं से माफी मांगे। 

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नारी शक्ति सड़कों पर उतकर विरोध करेगी 

भाजपा प्रवक्ता गुंजन चौकसे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का चरित्र उसके नेता फूल सिंह बरैया के बयान से एक बार फिर सबके सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता किस हद तक गिर सकते हैं, यह इस बयान से स्पष्ट होता है। जिस देश में कन्याओं को देवी मानकर पूजा जाता है और नारी शक्ति को दुर्गा का स्वरूप माना जाता है, वहां चार और छह महीने की बच्चियों के साथ होने वाले दुष्कर्म को धर्म और ग्रंथों के नाम पर पुण्य का कार्य बताया जा रहा है। गुंजन चौकसे ने कहा कि कांग्रेस नेता महिलाओं की खूबसूरती पर टिप्पणी करते हैं और उन्हें वस्तु की तरह देखते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच शर्मनाक है। उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से इस बयान पर जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने राहुल गांधी से मांग की कि वे अपने नेता से तुरंत माफी मंगवाएं या फिर उन्हें पार्टी से निष्कासित करें। गुंजन चौकसे ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस पार्टी ने कोई कदम नहीं उठाया, तो नारी शक्ति सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।

 



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