मध्य प्रदेश में गेहूं का उपार्जन शुरू हो गया है। पहले दिन किसानों से 45 उपार्जन केंद्रों पर 1616 क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में खरीदी शुरू की गई बाकी जिलों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू की जाएगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है। 


Trending Videos

ये भी पढ़ें:गेहूं खरीदी के पहले दिन ही बवाल! सागर में हड़ताल से ठप तुलाई, किसानों ने किया चक्काजाम

ये भी पढ़ें: इंदौर की मंडियों में गेहूं की खरीदी शुरू, तिलक लगाकर किया किसानों का स्वागत

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये अभी तक 97 हजार 474 किसानों द्वारा 4 लाख 46 हजार 582 मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूं के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूं को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed