भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने मध्यप्रदेश सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट को विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में मजबूत कदम बताया है। भोपाल में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट जनकल्याण को नई ऊंचाई देने वाला और समग्र विकास का दृष्टिपत्र है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, युवा, नारी और किसानों के सशक्तिकरण पर केंद्रित है तथा नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने बताया कि 4,38,317 करोड़ रुपये के इस बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर अधोसंरचना और दीर्घकालिक विकास पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य के स्वयं के कर राजस्व में 10.6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान प्रदेश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। अनुसूचित जनजाति विभाग के लिए 47,429 करोड़ तथा अनुसूचित जाति विभाग के लिए 31,192 करोड़ रुपये का प्रावधान सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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खण्डेलवाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रति व्यक्ति आय 1,41,000 रुपये से बढ़कर 1,69,000 रुपये हो गई है, जो प्रभावी आर्थिक नीतियों का परिणाम है। किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप, प्राकृतिक खेती के लिए 1 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य और फसल बीमा के लिए 1,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। महिलाओं के लिए ‘लाड़ली बहना योजना’ हेतु 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण प्रावधान तथा खेलों के विकास के लिए 815 करोड़ रुपये रखे गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23 हजार करोड़ और ग्रामीण सड़कों के लिए 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट सशक्त मध्यप्रदेश की नींव को और मजबूत करेगा तथा प्रदेश को समृद्ध राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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