प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत को लेकर फैली अफवाहों ने आम लोगों में चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर दूसरे दिन भी भीड़ देखने को मिली। हालांकि, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रदेश में कहीं कोई पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं हैं। अफवाह पर ध्यान न दें। एसोसिएशन का कहना है कि यदि किसी अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति के कारण आपूर्ति प्रभावित भी होती है, तो भी मध्य प्रदेश में ईंधन का 60 दिनों तक स्टॉक पर्याप्त है। 

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अफवाहों से बन रहा दबाव

मंगलवार रात और बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ उमड़ी। इसके बाद लंबी लंबी कतारें लग गई। रीवा में पुलिस बुलानी पड़ी। इसी तरह की स्थिति रतलाम, इंदौर, शाजापुर, आगर मालवा, नर्मदापुरम, मंदसौर में देखने को मिली, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को संभाला। इसमें कुछ जगह मुनादी करके भी लोगों को अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की जा रही हैं। डीलर्स का कहना है कि कुछ लोग अफवाहों के कारण जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे पंपों पर अस्थायी दबाव बन रहा है। इसी वजह से कई जगहों पर भीड़ जैसी स्थिति बन गई है, जबकि वास्तविकता में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।  

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भोपाल में नायरा पेट्रोल पंप सील

भोपाल में एयरपोर्ट रोड स्थित एक नायरा पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम पेट्रोल देने का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत मिलने पर फूड कंट्रोलर ने मौके पर पहुंचकर पंप को सील कर दिया। बताया गया है कि एक बाइक चालक को केवल 200 रुपये का पेट्रोल देने की बात कही गई, इसके बाद उसने मौके पर ही वीडियो बनाकर इसकी शिकायत प्रशासन से की। मामला सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और जांच के बाद पंप पर कार्रवाई की गई। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि उपभोक्ता जितनी मात्रा में पेट्रोल या डीजल लेना चाहें, उन्हें उतनी ही मात्रा में निर्धारित दर पर दिया जाए। किसी भी संचालक को मनमानी करने या खुद से सीमा तय करने का अधिकार नहीं है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई पंप संचालक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

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हर साल खपत से ज्यादा सप्लाई की योजना

प्रदेश में पेट्रोल की सालाना खपत लगभग 1200 मीट्रिक टन और डीजल की करीब 1600 मीट्रिक टन है। कंपनियां हर साल खपत के आधार पर स्टॉक तैयार करती हैं और आमतौर पर 8 से 10 प्रतिशत अतिरिक्त आपूर्ति की योजना बनाकर चलती हैं, जिससे किसी भी स्थिति में कमी न हो। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य रूप से ही ईंधन लें। उनका कहना है कि प्रदेश में लगभग 3,700 पेट्रोल पंप संचालित हैं और सभी जगह पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है।

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ग्राहकों में घबराहट से दिक्कत, गैस की कमी नहीं 

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीबी शर्मा ने कहा कि ग्राहक घबरा रहे हैं। जिनको जरूरत नहीं है, वे भी दो दो सिलेंडर भरवा रहा हैं। इसके चलती कमी दिख रही हैं। भोपाल में रोज गैस बिक रही हैं। यहां स्थिति सामान्य हैं।

 



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