रामलीला मंचन में पूनम पांडे का मंदोदरी पात्र एक बड़े विवाद की वजह बन गया है। दिल्ली की प्रसिद्ध लव-कुश राम लीला में इस बार आयोजकों ने पूनम पांडे के लिए मंदोदरी का किरदार तय किया है। इसको लेकर संत समाज में काफी विरोध हो रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के बाद अब मध्य प्रदेश के कंप्यूटर बाबा ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने रामलीला अध्यक्ष की सोंच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूनम पांडे को मंदोदरी के बजाय सूर्पनखा का किरदार सौंपा जाना चाहिए।
भिंड पहुंचे कंप्यूटर बाबा ने कहा कि रामलीला अध्यक्ष को इतने दिन हो गए रामलीला करते हुए। उनको अब तक यह बुद्धि नहीं आई कि हमें किसको क्या पाठ देना चाहिए। आप संसद की बात कर रहे हैं। संसद में आपने कैसे कह दिया कि संसद में डाकू जाते हैं। अगर संसद में डाकू जाते हैं तो जनता पसंद करती है। जनता वोट भी करती है।
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उन्होंने कहा कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि पूनम पांडेय को किरदार न दिया जाए, बस उसे मंदोदरी के बजाय सूर्पनखा का किरदार देना चाहिए, जो जैसा हो उसे वैसा ही चरित्र निभाने के लिए देना चाहिए। सूर्पनखा ब्राह्मण थी, रावण की बहन थी। मंदोदरी की ननद थी। इसलिए सूर्पनखा का किरदार अच्छा है। अध्यक्ष महोदय को पहले विचार करना चाहिए।
