मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों के साथ नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को मंत्रालय से वर्चुअली सहभागिता की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुना। इस अवसर पर मुख्मयंत्री यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लोकतंत्र को मजबूत और समावेशी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है, जिसके तहत सम्मेलन, पदयात्राएं और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महाविद्यालयों में भी इससे जुड़े कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं को पत्र लिखकर सहयोग मांगा गया है। उन्होंने सभी दलों से राजनीति से ऊपर उठकर इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करने का आह्वान किया।
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महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे महिलाओं को नेतृत्व में आगे आने का बड़ा अवसर मिलेगा और लोकतंत्र और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य रहा है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया गया है। साथ ही सरकारी सेवाओं में भी महिलाओं को अवसर दिए जा रहे हैं।
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पीएम मोदी ने भी किया आह्वान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन नई दिल्ली से संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लिए ऐतिहासिक निर्णय है और इसके क्रियान्वयन में संवाद, सहयोग और सहभागिता जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को नए युग की बधाई दी और इस कानून की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।