राज्य सरकार द्वारा धार्मिक शहरों में शराब दुकानों को बंद किए जाने के बावजूद संबंधित जिलों में शराब ठेकों की लाइसेंस राशि में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में इन जिलों में ठेकों की नीलामी कीमत वर्ष 2024-25 की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत तक बढ़ गई है। राज्य सरकार द्वारा 19 नगरीय और ग्रामीण इलाकों के पवित्र क्षेत्र में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके तहत इन क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों को बंद कर दिया गया। वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार, बंद की गई दुकानों की लाइसेंस राशि को संबंधित नगरीय निाकय और पंचायतों की समीपवर्ती दुकानों में समायोजित करते हुए वर्ष 2025-26 के लिए ई-टेंडर के माध्यम से नए सिरे से शराब ठेकों की नीलामी की गई। इसके बाद कई जिलों में ठेकों की वार्षिक लाइसेंस राशि में वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग की जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 13 नगरीय और 6 ग्रामीण निकाय क्षेत्रों को पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में शराब बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। 

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हालांकि, दुकानों के बंद होने के बावजूद संबंधित जिलों में शराब ठेकों के नीलामी मूल्य में वर्ष 2024-25 की तुलना में औसतन करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार दतिया जिले में वर्ष 2025-26 में लाइसेंस राशि में 14.73 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह बैतूल में 18.45 प्रतिशत, उज्जैन में 20.73 प्रतिशत, मंदसौर में 15.55 प्रतिशत, पन्ना में 28.13 प्रतिशत और सतना में 15.95 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि दुकानों के पुनर्समायोजन और नई ई-टेंडर प्रक्रिया के कारण शराब ठेकों की बोली में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, जिससे नीलामी राशि में वृद्धि दर्ज की गई।

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