मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल में ‘वीआईपी प्रोटोकॉल’ और प्रशासनिक लापरवाही का सीधा असर आम मरीजों पर पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के चित्रकूट प्रवास को देखते हुए जिला अस्पताल का एक प्रमुख ऑपरेशन थिएटर (ओटी) आपातकालीन स्थिति के लिए रिजर्व कर दिया गया। इसी बीच दूसरे ओटी की एनेस्थीसिया मशीन खराब होने के कारण 13 मरीजों की सर्जरी टालनी पड़ी।
सिर्फ एक ओटी बचा, वो भी ‘वीआईपी प्रोटोकॉल’ में रिजर्व
सतना अस्पताल प्रशासन के अनुसार जिला अस्पताल में कुल छह प्रमुख ऑपरेशन थिएटर हैं, जिनमें दो मेजर ओटी शामिल हैं, पिछले कुछ महीनों से मेटरनिटी विंग के लेबर ओटी की एनेस्थीसिया मशीन खराब पड़ी है। इसी कमी को पूरा करने के लिए एक मेजर ओटी की मशीन वहां लगाई गई थी। नतीजतन सर्जरी विभाग के पास केवल एक ही मेजर ओटी बचा था, लेकिन गुरुवार को प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के चित्रकूट आगमन के मद्देनजर उस ओटी को आपातकालीन स्थिति के लिए रिजर्व कर दिया गया। इससे सर्जरी विभाग के डॉक्टरों के पास ऑपरेशन करने के लिए कोई भी ओटी उपलब्ध नहीं रहा।
हफ्तों से इंतजार कर रहे मरीजों को लौटना पड़ा मायूस
जिन मरीजों की सर्जरी स्थगित हुई, वे हर्निया, अपेंडिक्स और पित्ताशय जैसी सामान्य सर्जरी के लिए 10 से 15 दिनों से भर्ती थे। तय तारीख पर सर्जरी टल जाने से मरीजों और उनके परिजनों में नाराज़गी फैल गई। कई परिजनों ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अस्पताल प्रशासन वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था में इतना उलझा है कि आम मरीजों का इलाज हफ्तों तक अटक जाता है। अब इन मरीजों को नई तारीख का इंतजार करना होगा, जिससे उनका दर्द और बढ़ गया है।
डॉक्टरों ने सिविल सर्जन को भेजी लिखित रिपोर्ट
शासकीय मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. अनुराग जैन ने इस स्थिति को लेकर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को एक लिखित रिपोर्ट सौंपी है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि एनेस्थीसिया मशीन की खराबी और वीआईपी मूवमेंट के कारण सर्जरी विभाग के सभी ऑपरेशन स्थगित करने पड़े। साथ ही उन्होंने मशीन की तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक ओटी व्यवस्था करने की मांग की है।
