छिंदवाड़ा जिले में हुए बस हादसे के दौरान साहस और तत्परता दिखाते हुए कई लोगों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों को मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। यह घटना उस समय हुई, जब मुख्यमंत्री के दौरे के बाद पीटीएस रीवा का पुलिस बल पांढुर्णा से वापस लौट रहा था। इसी दौरान सिमरिया के पास एक यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के तुरंत बाद पीछे आ रहे पुलिस बल ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। 

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जूते तक नहीं पहने, कांच पर चलकर बचाईं जानें

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिसकर्मी जिस हालत में थे, उसी स्थिति में घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कई जवानों ने बिना जूते पहने ही कांच के टुकड़ों के बीच जाकर घायलों को बाहर निकाला। पुलिस टीम ने पलटी बस को उठाकर सीधा किया और अंदर फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही डायल-112 को सूचना देकर अन्य पुलिस बल की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस की तत्परता और साहसिक कार्रवाई के चलते लगभग 40 लोगों की जान बचाई जा सकी। इस मानवीय और कर्तव्यनिष्ठ कार्य की मुख्यमंत्री सहित आमजन ने भी सराहना की। 

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डीजीपी ने घोषित किया नगद पुरस्कार

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पीटीएस रीवा और छिंदवाड़ा जिला पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि देने के आदेश जारी किए हैं। कार्यवाहक निरीक्षक नागेंद्र यादव (5 हजार), राहुल सिंह व मिथलेश तिवारी (3-3 हजार), संजय सिंह व सचिन तोमर (2-2 हजार) को पुरस्कृत किया गया। पीटीएस रीवा के 100 से अधिक नव आरक्षकों को उनके साहसिक योगदान के लिए 2-2 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। जिला छिंदवाड़ा के पुलिसकर्मियों में राजेश साहू, केशवराव इंगले (4-4 हजार), लक्ष्मण पोरते (3 हजार) तथा अजीत भदौरिया, जितेंद्र तुरकर, ओमप्रकाश, मंगेश और आनंद को 2-2 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया।



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