भारतीय संस्कृति और कालगणना की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। यह घड़ी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर उज्जैन के बाद अब वाराणसी में लगाई गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 3 अप्रैल को यह घड़ी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की थी। इसके बाद 4 अप्रैल को विधि-विधान के साथ इसे मंदिर परिसर में स्थापित किया गया।


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बता दें यह घड़ी सिर्फ समय नहीं बताती,   बल्कि भारतीय परंपरागत कालगणना का आधुनिक रूप है। यह सूर्योदय के आधार पर समय बताती है और दिन को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है। इसके जरिए तिथि, नक्षत्र, योग, पंचांग और ग्रहों की स्थिति जैसी जानकारियां भी मिलती हैं। इस घड़ी को उज्जैन के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने तैयार किया है। इससे पहले उज्जैन में भी इसे स्थापित किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में देश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों, जैसे ज्योतिर्लिंग और अयोध्या के श्रीराम मंदिर में भी इस तरह की वैदिक घड़ी लगाई जाए, ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ सके।

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