एम्स भोपाल जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में लिफ्ट के भीतर हुई चेन स्नेचिंग की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बागसेवनिया पुलिस ने महिला अटेंडर से मंगलसूत्र झपटने वाले युवक को गिरफ्तार कर चोरी का माल भी बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी अपराधी नहीं, बल्कि ‘शौक का ‘कैदी’ निकला।
महंगी लाइफस्टाइल बनी अपराध की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह मेट्रो सिटी जैसी चमक-दमक भरी जिंदगी जीना चाहता था। गर्लफ्रेंड पर खर्च, महंगा मोबाइल, गाड़ी और दोस्तों से ली गई उधारी चुकाने का दबाव इतना बढ़ा कि उसने अपराध का रास्ता चुन लिया।
CCTV और सोशल मीडिया से टूटी साजिश
27 जनवरी 2026 को महिला कर्मचारी की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी अमित सोनी के नेतृत्व में गठित टीमों ने एम्स परिसर और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लिफ्ट में कैद आरोपी की तस्वीरें सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स में वायरल की गईं, जिससे उसकी पहचान आसान हो गई।
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राजस्थान से भोपाल तक जुड़ी कड़ियां
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कटारा हिल्स के लहारपुर इलाके से आरोपी सुनील मीणा (25) को गिरफ्तार किया, जो मूल रूप से राजस्थान के बारा जिले का रहने वाला है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी किया गया मंगलसूत्र उसने मंडीदीप निवासी पुष्पराज सोनी के पास छिपाकर रखा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। आरोपी ने कम भीड़ और बंद जगह का फायदा उठाकर लिफ्ट के अंदर वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
