भोपाल शहर के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल मेट्रो का औपचारिक शुभारंभ कर दिया। अब रविवार सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक यह मेट्रो सेवा आम जनता के लिए शुरू हो जाएगी। यह सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि भोपाल के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम है। भोपाल मेट्रो से शहर की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। रोजाना हजारों लोग जो दफ्तर, कॉलेज, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए सफर करते हैं, उनके लिए यह मेट्रो तेज, सुरक्षित और किफायती साधन साबित होगी। भोपाल मेट्रो को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन के अंदर भी आरामदायक सीटें, साफ-सुथरा माहौल और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भोपाल मेट्रो का पहला चरण का प्रायोरिटी कॉरिडोर एम्स भोपाल से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक सात किमी का है। यह आगे प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेगा। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी और प्रदूषण पर भी नियंत्रण लगेगा। यही वजह है कि मेट्रो को पर्यावरण के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

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ये प्रतिबंधित वस्तुएं नहीं ले जा सकेंगे 

मेट्रो यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) ने मेट्रो परिसर और ट्रेनों में ले जाने वाली प्रतिबंधित वस्तुओं की विस्तृत सूची जारी की है। इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना है। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मेट्रो में नुकीली वस्तुएं जैसे खुखरी, तलवार, 10 सेंटीमीटर (4 इंच) से अधिक लंबाई वाले चाकू, बाली काटने वाली कैंची और मीट क्लीवर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इसके साथ ही बंदूकें और आग्नेयास्त्र, गोला-बारूद, एयर राइफल, बीबी गन, पैलेट गन, स्टार्टर पिस्टल, गन लाइटर, स्टन गन, हथियारों की यथार्थवादी प्रतिकृति और हथियारों के पुर्जे भी मेट्रो में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

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ज्वलनशील वस्तुओं पर भी सख्ती 

औजारों की श्रेणी में कुल्हाड़ी, हथौड़ा, आरी, स्क्रूड्राइवर, रिंच, प्लायर्स सहित 17.5 सेंटीमीटर (7 इंच) से अधिक लंबाई वाले सभी उपकरण प्रतिबंधित किए गए हैं। वहीं विस्फोटक सामग्री जैसे गन पाउडर, डायनामाइट, आतिशबाजी, हथगोले, प्लास्टिक विस्फोटक और उनकी प्रतिकृतियां भी पूरी तरह वर्जित हैं।

मेट्रो प्रशासन ने ज्वलनशील वस्तुओं पर भी सख्ती दिखाई है। पेट्रोलियम पदार्थ, स्प्रिट, लाइटर, माचिस, ज्वलनशील तरल और ठोस पदार्थ मेट्रो में नहीं ले जाए जा सकेंगे। हालांकि, प्रति व्यक्ति अधिकतम दो सीलबंद अल्कोहल बोतलें ले जाने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा रेडियोधर्मी पदार्थ, अम्ल, जहरीले रसायन, आंसू गैस, प्रतिबंधित नशीले पदार्थ और दबाव वाली गैसें भी प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं।

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25 किलोग्राम तक का सामान ले जाने की अनुमति  

यात्रियों को 25 किलोग्राम तक का सामान ले जाने की अनुमति होगी, लेकिन आपत्तिजनक वस्तुओं में खून, मानव या पशु अवशेष, हड्डियां, बिना सील कच्चा मांस या मछली, सड़े हुए पौधे, मानव राख और कंकाल को मेट्रो में ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही पालतू जानवर, ड्रोन, सैटेलाइट फोन, खुले सिगरेट पैकेट, गुटखा, तंबाकू और रेडियो संचार उपकरण भी अनुमति योग्य नहीं हैं। नियमों में कुछ विशेष छूट भी दी गई है। सिख यात्रियों को धार्मिक प्रतीक के रूप में 23 सेंटीमीटर से कम लंबाई की कृपाण ले जाने की अनुमति होगी। ड्यूटी पर तैनात राज्य पुलिस, पैरामिलिट्री बल और अधिकृत सुरक्षा कर्मी पहचान प्रमाण के साथ अपने शस्त्र लेकर यात्रा कर सकते हैं।



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