प्रदेश के सागर जिले के बरोदिया नौनागिर क्षेत्र में हुए बहुचर्चित अंजना हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) करेगी। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रदेश पुलिस की जांच पर सवाल उठाए और पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन.के. सिंह की पीठ ने सुनाया।

पीड़ित पक्ष पहले से ही आरोप लगाता रहा है कि इस प्रकरण में कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण आरोपियों को मिला हुआ था। इसी कारण पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष नहीं रही। ऐसे में सीबीआई जांच के आदेश के बाद पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मामले को जोरदार ढंग से रखा। अदालत के आदेश के बाद अब सीबीआई की टीम पूरे मामले की जांच करेगी। इसके तहत अब तक की पुलिस जांच, केस डायरी, सबूत और दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर नए सिरे से जांच की जाएगी। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल करेगी कि कहीं आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण तो नहीं मिला और क्या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। माना जा रहा है कि सीबीआई की जांच के बाद इस बहुचर्चित मामले में कई नए पहलुओं का खुलासा हो सकता है।

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शुरुआत छेड़छाड़ के मामले से, फिर बढ़ता गया विवाद

पीड़ित परिवार का कहना है कि वर्ष 2019 में अंजना के साथ छेड़छाड़ की घटना के बाद जब शिकायत दर्ज कराई गई, तब आरोपियों पर कठोर धाराएं लगाने के बजाय मामला हल्का कर दिया गया। परिवार का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण पुलिस ने शुरू से ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

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गवाहों और परिजनों की मौत से बढ़ा मामला

केस वापस लेने का दबाव बनाए जाने के बीच अंजना के भाई नितिन की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद मामले के एक अन्य गवाह और रिश्तेदार चाचा राजेंद्र की भी हत्या हो गई। इन घटनाओं ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया था। सबसे ज्यादा विवाद उस समय हुआ जब मुख्य गवाह अंजना की मौत हो गई। राजेंद्र के शव को लाते समय अंजना की एंबुलेंस से गिरकर मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने इसे वाहन से गिरने की घटना बताया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटें और सिर में बड़ा फ्रैक्चर सामने आया था। इसके बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

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राजनीतिक स्तर पर भी उठा था मामला

एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया था। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह समेत कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। इस मामले में मुख्यमंत्री ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी थी। हालांकि, परिवार का आरोप रहा कि स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों के कारण निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई।



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