मंत्रिमंडल ने प्रदेश की नई सोलर नीति को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत चार घंटे के लिए 300 मेगावाट, छह घंटे के लिए 300 मेगावाट तथा 24 घंटे के लिए 200 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य न्यूनतम टैरिफ पर उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर टेंडर जारी किए जाएंगे, जिसमें न्यूनतम दर पर बिजली आपूर्ति करने वाले बिडर को परियोजना आवंटित की जाएगी।

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अमृत योजना के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान

प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए “मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण” को 3 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 एवं 2028-29) के लिए, 5 हजार करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजनान्तर्गत मास्टर प्लान की सड़कें जिले की प्रमुख एवं अन्य रोड तथा शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, सडक सुरक्षा एवं शहरी यातायात सुधार, शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति/सीवरेज / अन्य परियोजनाओं में गैप कवरेज से संबंधित कार्य, इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन ड्रेन तथा एसटीपी निर्माण संबंधी कार्य एवं राज्य शासन की प्राथमिकता के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। इस योजना के लागू होने से विभिन्न शहरों में आवश्यक अधोसंरचनाएँ उपलब्ध हो सकेंगीं।

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सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। राजगढ़ जिले की सहारनपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना के लिए 396.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 11,040 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और 26 गांवों के 10 हजार परिवारों को लाभ मिलेगा। रायसेन जिले की सुल्तानपुर सिंचाई परियोजना को 115.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है, जिससे 20 गांवों की 5700 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। वहीं बरेली क्षेत्र के लिए 386.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 36 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इन तीनों परियोजनाओं से करीब 20 हजार किसानों को लाभ होगा।

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आबकारी नीति और अन्य महत्वपूर्ण फैसले

कैबिनेट ने मध्य प्रदेश आबकारी नीति–2026 के निर्धारण के लिए मंत्रिमंडलीय समिति के गठन को मंजूरी दी है। इसके साथ ही मऊगंज में जान गवाने वाले सहायक उपनिरीक्षक स्वर्गीय रामचरण गौतम को एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसमें से 10 लाख रुपए उनके परिवार को पहले मिल चुके हैं। 

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सिंहस्थ–2028 को लेकर बड़ा निर्णय

सिंहस्थ–2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन संभाग की जल आवर्धन योजना के लिए 1133.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।  

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200 नए सांदिपनी विद्यालयों को मंजूरी

कैबिनेट ने द्वितीय चरण में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदिपनी विद्यालयों के निर्माण को स्वीकृति दी है। इन विद्यालयों पर कुल 3660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय पर 17 से 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे पहले प्रथम चरण में 275 विद्यालयों को मंजूरी दी जा चुकी है।

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ई-कैबिनेट की शुरुआत

इस बैठक में ई-कैबिनेट प्रणाली की भी शुरुआत की गई। मंत्रिमंडल के सदस्यों को एजेंडा डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया गया, जिससे कागज रहित बैठक का सफल प्रयोग हुआ। हालांकि, पहले दिन कुछ मंत्रियों को इंटरनेट से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। 

 



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