विधानसभा में मंगलवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान पत्थरबाजी पर चर्चा की मांग को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने नियम के अनुसार चर्चा नहीं कराने की बात कही। इसके बाद दोनों तरफ से सदस्य बोलने लगे। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का अनुरोध नामंजूर कर दिया। इस पर हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ने विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।गत दिनों भोपाल और इंदौर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के मुद्दे पर अचानक ध्यान आकर्षण लाया गया। भाजपा विधायक डॉ राजेंद्र पांडे यह प्रस्ताव लाए। संसदीय कार्य मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं पर इंदौर भोपाल दोनों जगह हमले हुए। महिला कार्यकर्ता घायल हुई है उसको लेकर ध्यान आकर्षण लाया गया है, सदस्य उस पर बोलना चाहते हैं।

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कांग्रेस इस पर चर्चा नहीं करना चाह रही

इस पर कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने कहा कि हमारे कार्यालय पर हमले हुए। भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने कहा कि पहले से पत्थर इकट्ठे किए गए। पूरा देश अपमानित हो रहा है, मध्य प्रदेश में गुंडागर्दी की जा रही है। शनिवार और रविवार होने की वजह से हम इस प्रस्ताव की सूचना नहीं दे पाए। कांग्रेस इस पर चर्चा नहीं करना चाह रही है, कांग्रेस की यह हताशा है। पांडे ने अध्यक्ष से कहा- ध्यानाकर्षण पर चर्चा के लिए समय प्रदान करें।

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भागीरथपुरा पर चर्चा क्यों नहीं की

कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा पर चर्चा क्यों नहीं की। यह ध्यानाकर्षण प्रस्ताव नियमानुसार नहीं है। दोनों तरफ से हंगामा देखकर अध्यक्ष ने 10 मिनट के लिए सदन को स्थगित कर दिया। 

क्रांतिसूर्य टंट्या भील विवि में 140 पद स्वीकृत, सभी रिक्त 

प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक डॉ. झूमा सोलंकी के सवाल के जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि खरगोन जिले के क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के 80, सह प्राध्यापक के 40 और प्राध्यापक के 20 सहित कुल 140 शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में सभी पद रिक्त हैं, कार्य परिषद का गठन नहीं होने के कारण भर्ती का अधिकार कुलपति को है और 4 से 5 माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।

आजीविका मिशन में गड़बड़ी के आरोप 

प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक राम सिया भारती ने छतरपुर जिले के आजीविका मिशन में गणेश वितरण को लेकर अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों ने दबाव बनाकर अपने चहेते लोगों को काम दिलाया और गड़बड़ी की। उन्होंने यह भी कहा कि जांच की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब दिया कि छतरपुर मामले में 28 फरवरी के बाद जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, जिसके आधार पर आगे भुगतान की प्रक्रिया की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समिति द्वारा जांच की जा रही है और रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित सदस्य को इसकी सूचना भी दी जाएगी।

शकर कारखाने की जांच में मिली गड़बड़ी   

भाजपा विधायक गोविंद सिंह शर्मा ने बुरहानपुर के सहकारी शकर कारखाने की जमीन के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि मामले की जांच कराई गई है, जांच में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है और प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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