मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणामों ने इस बार शिक्षा का पूरा ट्रेंड बदल दिया है। छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है। खास बात यह रही कि सरकारी स्कूलों का रिजल्ट भी निजी स्कूलों से बेहतर रहा।

छोटे जिलों का शानदार प्रदर्शन

कक्षा 8वीं में नरसिंहपुर (99.38%), डिंडोरी (98.74%), बालाघाट (98.71%), झाबुआ (98.40%) टॉप पर रहे। कक्षा 5वीं में भी नरसिंहपुर (99.70%), बालाघाट (99.30%), डिंडोरी (99.29%), अनूपपुर (99.14%), झाबुआ (98.87%) ने बेहतरीन परिणाम दिए।

बड़े शहरों की स्थिति: औसत प्रदर्शन

राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों का प्रदर्शन अच्छा तो रहा, लेकिन वे टॉप रैंक से दूर रहे।

भोपाल: 8वीं में 94.44%, 5वीं में 95.27%

इंदौर: 8वीं में 93.86%, 5वीं में 96.67%

ग्वालियर: 8वीं में 92.96%, 5वीं में 94.62%

जबलपुर: 8वीं में 94.55%, 5वीं में 95.78%

A+ ग्रेड में भी छोटे जिले आगे

8वीं में नरसिंहपुर (58.34%), नीमच (51.66%), मुरैना (50.40%) टॉप पर रहे।

5वीं में नरसिंहपुर (51.05%), नीमच (47.39%), छिंदवाड़ा (44.11%) आगे रहे।

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 मंत्री बोले- जांच कराई जाएगी

राजधानी भोपाल के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रिजल्ट खराब आने के पीछे क्या कारण हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। कई बार हमें लगता है कि शहरों में सब कुछ ठीक चल रहा होगा और हम ग्रामीण क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस करते हैं, जिसका असर परिणामों में दिखता है।

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ग्रामीण छात्रों ने शहरों को पछाड़ा

इस बार ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने शहरी छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया। 5वीं में ग्रामीण क्षेत्रों का परिणाम 95.94 प्रतिशत रहा, जबकि शहरी क्षेत्रों का 93.03 प्रतिशत। 8वीं में भी ग्रामीण छात्र 94.11 प्रतिशत के साथ आगे रहे, जबकि शहरी छात्रों का परिणाम 93.20 प्रतिशत रहा।



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