11:57 AM, 26-Feb-2026
12 बजे तक स्थगित हुआ सदन
भंवर सिंह शेखावत ने मंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब खुद मंत्री मान रही हैं कि पेड़ उखाड़े जा रहे हैं और मिट्टी निकाली जा रही है, तो फिर सरकार जांच से क्यों बच रही है। उन्होंने कहा कि यही तो विपक्ष कह रहा है कि जमीन पर गतिविधियां जारी हैं।
सिंगरौली की प्रभारी मंत्री उइके ने कहा कि वह स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि पेड़ काटे जा रहे हैं और लकड़ी छत्तीसगढ़ भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को हटाया जा रहा है। विपक्ष ने मांग की कि इस मामले की जांच के लिए मंत्री प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाई जाए, जिसमें दोनों पक्षों के सदस्य शामिल हों।
लगातार हंगामे और शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
11:54 AM, 26-Feb-2026
सिंगरौली खनन मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस
सिंगरौली की प्रभारी मंत्री सम्पतिया उइके ने सदन में कहा कि यह सही है कि क्षेत्र में पेड़ काटे गए हैं, लेकिन अभी वहां से कोयला नहीं निकाला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि पेड़ कटाई के बाद वहां से मिट्टी निकाली जा रही है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रभावित आदिवासियों से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया और लगभग 4 हजार पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सभी पक्षों की बातें सदन के सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार प्रभावितों को मुआवजा देना सुनिश्चित करेगी। साथ ही जांच की मांग पर भी सरकार तैयार है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
11:48 AM, 26-Feb-2026
भंवर सिंह शेखावत ने जॉइंट कमेटी जांच की मांग उठाई
दस मिनट के स्थगन के बाद सदन शुरू होने पर खदानों के संचालन के मुद्दे पर विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सदन में कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है, जो प्रदेश की पूरी आदिवासी समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है कि खदानें संचालित नहीं हो रहीं, जबकि प्रदेश में व्यापक रूप से खनन गतिविधियां जारी होने की बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
भंवर सिंह शेखावत ने अध्यक्ष से निवेदन करते हुए कहा कि इस मामले में संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी) बनाकर स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके। उन्होंने कहा कि सदन के आदेश का पालन करने के लिए सभी सदस्य तैयार हैं।
11:35 AM, 26-Feb-2026
सिंगरौली के धिरौली कोयला परियोजना का मामला
कितने गांव थे
कितनों का विस्थापन हो गया
कितनों का नहीं हुआ
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का जवाब
8 गांव में से 5 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया
नेता प्रतिपक्ष
8 गांव आते हैं
3 गांव का अधिग्रहण नहीं किया गया
तो फिर कोल विभाग कैसे दे दिया गया
अधिग्रहण किए बगैर कैसे दे दिया है
मंत्री
3.68 अरब से अधिक की राशि से बसाएंगे लोगों को
हर आदिवासी को कम से कम 50 लाख रुपए मिलेंगे
नेता प्रतिपक्ष
12 हजार 98 परिवार हैं
इस हिसाब से 2 लाख प्रति परिवार ही मिलेंगे
50 लाख कैसे मिलेंगे
मंत्री
भूमि का दोगुना मुआवजा दिया गया है
मकान का अलग मुआवजा दिया गया
1552 लोगों को मुआवजा का लाभ मिलेगा
अतिक्रमण करने वालों को लाभ नहीं दिया जाएगा
नेता प्रतिपक्ष
जितेंद्र भदौरिया थाना प्रभारी की पत्नी को 15 लाख की रिश्वत की दी गई
जितेंद्र कुशवाहा यातायात प्रभारी की पत्नी के खाते में 14 लाख दिए गए
ये जानकारी पटल पर रखता हूं
मामले की विधानसभा स्तर पर जांच होना चाहिए
3 गांव का अधिग्रहण नहीं हुआ
पूरा मुआवजा नहीं दिया गया
और कम्पनी को काम कैसे दे दिया गया
अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर
पात्र लोगों को मुआवजा मिलना चाहिए
मुआवजा शीघ्र मिलना चाहिए
कोई उल्लंघन होगा तो मंत्री जांच कराएंगे
नेता प्रतिपक्ष
जब तक जांच नहीं होती काम रुकना चाहिए
आदिवासियों को कब 50-50 लाख मिलेंगे
2 महीने के लिए खदान रुक जाएगी तो कुछ बिगड़ेगा नहीं
11:27 AM, 26-Feb-2026
नेता प्रतिपक्ष का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि दो पुलिस अधिकारियों के परिवार को मुआवजा राशि दी गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या वे आदिवासी हैं? मेरे पास जो सूची है, उसमें उनके पतियों के नाम दर्ज हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि कई पात्र लोगों को अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है, जिसके कारण वे गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विधानसभा की एक कमेटी गठित करने की मांग की।
इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि यदि सूची उपलब्ध कराई जाती है तो सरकार जांच कराने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल उठाना गलत है, क्योंकि सरकार सभी आदिवासियों का ध्यान रखना चाहती है
11:25 AM, 26-Feb-2026
विधानसभा की कार्यवाही शुरू
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि उनका मूल प्रश्न बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे मंत्री से यह जानना चाहते हैं कि कुल कितने गांव प्रभावित हुए और कितने लोगों का विस्थापन किया गया।
इस पर मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि परियोजना क्षेत्र में कुल आठ गांव थे, जिनमें से पांच गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है।
सिंघार ने आगे सवाल किया कि जब तीन गांवों की जमीन का अधिग्रहण नहीं हुआ, तो कंपनी (अडानी) को काम कैसे सौंप दिया गया। उन्होंने पूछा कि क्या अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम दिया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि प्रभावित आदिवासी परिवारों को करीब 50 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा रहा है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि शायद मंत्री को पूरी जानकारी नहीं है, क्योंकि संबंधित तीन गांवों के लोगों को गांव से बाहर किया जा रहा है।
10:54 AM, 26-Feb-2026
MP Assembly Session Live: सिंगरौली मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी, 12 बजे तक स्थगित हुआ सदन
आज की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश के स्कूलों की स्थिति को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। वहीं कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा बिजली कार्यों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन में उठाएंगे।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों की अनुदान मांगों पर करीब पांच घंटे तक विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। सरकार की ओर से विभागीय मंत्री जवाब देंगे, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ मैदान में है।
बजट सत्र के इस अहम दिन पर सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना भी जताई जा रही है।
