मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026–27 का 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40 हजार 62 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आधारभूत ढांचे और आजीविका सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देने का संकेत मिलता है।
‘विकसित भारत जी राम जी कार्यक्रम’ और रोजगार विस्तार
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मैं शहर में और गांव मुझमें रहता है, और ग्रामीण–शहरी भावनात्मक दूरी कम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। “विकसित भारत जी राम जी कार्यक्रम” के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण ढांचागत सुविधाएं, आजीविका तथा प्रतिकूल मौसमी घटनाओं के प्रभावों को कम करने के कार्य शामिल किए गए हैं। योजना के अंतर्गत अब 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोजगार उपलब्ध होगा।
सड़क और पुल निर्माण के लक्ष्य
आगामी वर्ष में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चतुर्थ चरण में 1,845 किलोमीटर लंबाई के 867 मार्गों का निर्माण प्रस्तावित है। पीएम जनमन (सड़क) अंतर्गत 879 किलोमीटर मार्ग और 60 पुल बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के तहत 2 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 180 क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2026–27 में 8 हजार किलोमीटर सड़कों का पुनः डामरीकरण, 600 किलोमीटर सड़कों का उन्नयनीकरण और 89 हजार किलोमीटर सड़कों के संधारण का लक्ष्य निर्धारित है।
ग्रामीण आवास और स्वच्छता पर जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्माणाधीन 7 लाख 32 हजार आवासों में से 4 लाख आवास मार्च 2026 तक पूर्ण होने का लक्ष्य है। पीएम जन-मन आवास योजना के तहत 50 हजार आवास निर्माणाधीन हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2026–27 में 2 लाख व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय और 505 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
योजनागत प्रावधान और वित्तीय आवंटन
पंचायतों को मूलभूत सेवाओं हेतु अनुदान के रूप में 3 हजार 736 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6 हजार 850 करोड़ रुपये, “विकसित भारत जी राम जी योजना” के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री जनमन योजना (आवास) के लिए 900 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री जनमन योजना (सड़क) के लिए 603 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण एवं सहायक योजनाओं के लिए 1 हजार 884 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं सहायक योजनाओं के लिए 807 करोड़ रुपये, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 400 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 300 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
संभावनाएं और आगे की दिशा
बजट प्रावधानों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार अवधि बढ़ाने, सड़क संपर्क सुदृढ़ करने, आवास निर्माण तेज करने और जल संरक्षण जैसे कार्यों को गति मिलने की संभावना है। आधारभूत ढांचे और आजीविका पर केंद्रित निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। हालांकि, योजनाओं की वास्तविक प्रभावशीलता क्रियान्वयन और समयबद्ध पूर्णता पर निर्भर करेगी।
