भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े जनहित मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने फॉर्म-6, 7 और 8 के मामलों में पारदर्शिता, विधि-सम्मत प्रक्रिया और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है। किसी भी लापरवाही या भ्रमपूर्ण प्रक्रिया से लाखों पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सूची में किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से न हटे और न ही उन्हें शामिल होने से वंचित रखा जाए। ज्ञापन में बताया गया कि 23 दिसंबर 2025 को प्रारूप निर्वाचन नामावली के प्रकाशन के दौरान ASDR में 42,74,160 मतदाताओं को अपनी राय व्यक्त करने का अवसर नहीं मिला। दिवंगत या स्थानांतरित मतदाताओं को छोड़कर भी 31,21,070 मतदाता नोटिस नहीं पाए। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस और एसएमएस के माध्यम से जानकारी दी जाए और भौतिक जांच कर सूची में सुधार किया जाए।
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प्रतिनिधिमंडल ने 12 और 16 जनवरी 2026 को सौंपे गए ज्ञापनों का भी उल्लेख किया और कहा कि फॉर्म-6, 7 और 8 के डिजिटाइजेशन और निराकरण में तेजी लाना जरूरी है। राजनीतिक दलों को समय-समय पर फॉर्मों की संख्या और प्रगति की जानकारी दी जाए। नो-मैपिंग मामलों में बुलाए गए मतदाताओं की सूची BLA-1 को उपलब्ध कराई जाए ताकि वे आवश्यक दस्तावेज लेकर समय पर सुनवाई में शामिल हो सकें।
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प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि 8.65 लाख मतदाता नो-मेपिंग श्रेणी में सुनवाई के लिए आ रहे हैं, लेकिन विशेषकर नगरीय क्षेत्रों में देरी से मतदाताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। परिवार के सदस्यों को अलग-अलग तिथियों पर बुलाए जाने से भी असुविधा हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि ERO और AERO शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर ही सुनवाई कार्यक्रम आयोजित करें, ताकि मतदाताओं को परेशानी न हो और प्रकरण समय पर निपटें। प्रतिनिधिमंडल में SIR के प्रदेश संयोजक एवं विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल और सह-संयोजक एस.एस. उप्पल शामिल थे।