जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य बुधवार को ग्वालियर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनके शिष्यों और भक्तों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पालकी से स्नान करने की घटना को अनुचित बताया और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा की गई कार्रवाई को पूरी तरह सही ठहराया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अन्याय नहीं हुआ, बल्कि पालकी से स्नान कर उन्होंने स्वयं नियमों का उल्लंघन किया। जब पुलिस ने उन्हें रोका था, तब उन्हें बात मान लेनी चाहिए थी। योगी सरकार द्वारा दिया गया नोटिस सही है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक उन्हें शंकराचार्य घोषित नहीं किया है।
वहीं, बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के चार बच्चे पैदा करने और उन्हें अलग-अलग उद्देश्यों के लिए समर्पित करने वाले बयान से जुड़े सवाल पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कोई टिप्पणी करने से बचते हुए केवल इतना कहा कि ठीक है, आगे चलिए।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने ‘हिंदू’ शब्द को भारतीय न मानते हुए फारसी बताया और कहा कि भारत में कोई हिंदू नहीं है, जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को शास्त्रों का कोई ज्ञान नहीं है। जब किसी को विषय की समझ ही नहीं है, तो उस पर क्या कहा जाए, उन्होंने सभ्यता और शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा। अंत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना को लेकर पूछे गए सवाल पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अच्छा है।
