चित्रकूट में हुए सर्वेक्षण के दौरान 500 से अधिक प्राचीन पांडुलिपियां मिली हैं, जिनका अध्ययन तुलसी शोध संस्थान में जारी है। इनमें देवनागरी, संस्कृत और उर्दू में लिखित दुर्लभ ग्रंथ शामिल हैं, जो भारतीय सांस्कृतिक समन्वय की अनूठी झलक पेश करते हैं। ये पांडुलिपियां खास क्यों है चलिए जानते हैं।

पांडुलिपियां।
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